आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
राज्यसभा में बुधवार को भी ‘नीट’ प्रश्नपत्र लीक मामले और इसके विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के मुद्दे पर गतिरोध कायम रहा। सरकार ने कहा कि वह ‘नीट’ प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है वहीं विपक्ष इस चर्चा को नियम 267 के तहत कराने की मांग पर अड़ा रहा।
विपक्ष ने यह भी कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ही इस विषय पर चर्चा हो सकती है। इस मुद्दे पर हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही तीन बार बाधित होने के बाद अपराह्न तीन बजे पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
तीन बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे उच्च सदन की बैठक शुरु होने के बाद नीट प्रश्नपत्र लीक मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच आसन की अनुमति से संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा ‘‘कांग्रेस ने चर्चा की मांग की थी। सरकार चर्चा के लिए तैयार है। अब विपक्षी कांग्रेस के सदस्य शर्त रख कर चर्चा टालने की कोशिश कर रहे हैं।’’
उच्च सदन में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा ‘‘आपने कहा है कि नियम 267 का उपयोग दुर्लभ से दुर्लभतम मामलों में किया जाता है। जो घटना हुई है, उससे अधिक दुर्लभ से दुर्लभतम मामला भला और क्या हो सकता है? बच्चों पर बल प्रयोग किया गया है।’’
इसी दौरान विपक्षी सदस्यों ने हंगामा तेज कर दिया और उपसभापति हरिवंश ने सदन में व्यवस्था बनते न देख बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।