आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के एक व्यक्ति से पांच लोगों ने कथित तौर पर 7.5 लाख रुपये की ठगी की। आरोपियों ने मंत्रालय में अच्छे संपर्क होने का दावा कर पीड़ित को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी ।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले के शिकायतकर्ता ने इस अपराध में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निजी सहायक (पीए) प्रभाकर काले की संलिप्तता का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस जांच के दौरान अभी तक उनकी कोई भूमिका सामने नहीं आई है।
अधिकारी ने बताया कि एक महिला कार्यकर्ता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने मंत्रालय में अपने संपर्क होने का दावा किया था और उसके भतीजे को वन रक्षक के पद पर नियुक्त कराने का झांसा देकर उससे पैसे लिए थे।
उनके अनुसार, पीड़ित को कथित तौर पर साक्षात्कार के लिए मंत्रालय बुलाया गया था, जहां उसे चिकित्सीय जांच के लिए ले जाया गया। इसके बाद उसे एक फर्जी नियुक्ति तथा प्रशिक्षण पत्र भी जारी किया गया।
उन्होंने बताया कि बाद में पीड़ित को नागपुर, नासिक और सतारा सहित कई जगहों पर भेजा गया और बाद में उसे उसके हाल पर छोड़ दिया गया ।
अधिकारी ने बताया कि मरीन ड्राइव थाने में दर्ज की गई प्राथमिकी के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता के परिवार से ऑनलाइन लेनदेन के माध्यम से 7.25 लाख रुपये और नकद 40,000 रुपये लिए थे।
उन्होंने बताया कि मामले की जांच जारी है।