आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो सदस्य और पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपना वोट उन लोगों को समर्पित किया है, जिन्हें ‘‘एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मताधिकार से वंचित किया गया।’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों का गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) लोगों के संवैधानिक अधिकार छीनने की मंशा से किया गया।
कोलकाता के सेंट थॉमस गर्ल्स स्कूल में मतदान करने के बाद ‘पीटीआई-वीडियो’ से बातचीत में सलीम ने कहा कि अब तक कुछ छिटपुट और मामूली घटनाओं को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हो रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस बार मतदान प्रतिशत पिछले वर्षों की तुलना में बढ़ेगा, क्योंकि मैं पहली बार लोगों को लंबी कतारों में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करते देख रहा हूं।’’
सलीम ने कहा, ‘‘मैं अपना वोट उन लोगों को समर्पित करता हूं, जो आज वोट नहीं डाल पा रहे हैं क्योंकि एक सुनियोजित तरीके से उन्हें मताधिकार से वंचित किया गया और उनके मौलिक तथा संवैधानिक अधिकार छीन लिए गए। हमने पहले भी संघर्ष किया है और इस परियोजना के खिलाफ प्रतिरोध आगे भी जारी रहेगा।’’
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा के बीच पूर्वाह्न 11 बजे तक 3.21 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 40 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया।