पीएम मोदी के विजन को गति: 2030 तक मुस्लिम लड़कियों के लिए भी खुलेंगे नए अवसर

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 15-05-2026
Momentum for PM Modi's Vision: New Opportunities to Open Up for Muslim Girls by 2030
Momentum for PM Modi's Vision: New Opportunities to Open Up for Muslim Girls by 2030

 

भुवनेश्वर

Narendra Modi के वर्ष 2030 तक 20 लाख युवाओं को रोजगार योग्य कौशल प्रदान करने के लक्ष्य को आगे बढ़ाते हुए देश में तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा को नई दिशा दी जा रही है। इसी कड़ी में Kalinga University, Zee Institute of Creative Art (ZICA) और Zee Learn ने ओडिशा में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स और ग्राफिक डिजाइन से जुड़े तीन वर्षीय विशेष पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। इन कोर्सों का उद्देश्य युवाओं को तेजी से बढ़ती डिजिटल और क्रिएटिव इंडस्ट्री के लिए तैयार करना है।

इन संस्थानों का मानना है कि आने वाले वर्षों में एनीमेशन, ई-कॉमर्स, डिजिटल मीडिया और विजुअल इफेक्ट्स के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाएं तेजी से बढ़ेंगी। ज़ी लर्न के नेशनल एकेडमिक हेड काशीनाथ पात्रो ने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में लगातार प्रगति कर रहा है और अब भारतीय युवा हॉलीवुड, बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योगों के लिए भी काम करने की क्षमता रखते हैं।

उन्होंने कहा कि यह कोर्स पूरी तरह स्किल आधारित है, जिसमें 70 प्रतिशत हिस्सा प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और 30 प्रतिशत थ्योरी पर आधारित है। छात्रों को आधुनिक तकनीक और उद्योग की वास्तविक जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे उनके लिए नौकरी हासिल करना आसान हो सके। पात्रो के अनुसार, कई छात्र कोर्स पूरा होने से पहले ही रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी बताया कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ते प्रभाव के कारण घर से काम करने और फ्रीलांसिंग के अवसर भी तेजी से बढ़ रहे हैं। आज ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर दिखाई देने वाले अधिकतर उत्पाद 3D डिजाइन तकनीक से तैयार किए जाते हैं। छात्र घर बैठे इन डिजाइनों को तैयार कर बड़ी कंपनियों को सेवाएं दे सकते हैं। इसके अलावा विज्ञापन उद्योग में भी 3D मॉडलिंग और विजुअल इफेक्ट्स की भारी मांग है।

इस पहल का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह माना जा रहा है कि इससे उन मुस्लिम और पारंपरिक परिवारों की लड़कियों को भी बड़ा लाभ मिल सकता है, जिन्हें घर से बाहर जाकर काम करने में सामाजिक या पारिवारिक सीमाओं का सामना करना पड़ता है। Sahista Shifa नाम की एक छात्रा ने कहा कि ग्राफिक डिजाइन और डिजिटल स्किल्स के माध्यम से वह घर बैठे काम कर सकती हैं।

उन्होंने बताया, “मैंने 12वीं के बाद यहां अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रवेश लिया। मेरे परिवार के कुछ सदस्य काफी पारंपरिक सोच रखते हैं और बाहर जाकर नौकरी करना आसान नहीं है। लेकिन ग्राफिक डिजाइन और फ्रीलांसिंग के जरिए मैं घर से काम कर सकती हूं। सोशल मीडिया के माध्यम से पोस्टर डिजाइन और अन्य डिजिटल सेवाएं देकर अच्छी आय अर्जित की जा सकती है।”

विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल और क्रिएटिव सेक्टर में बढ़ते अवसर आने वाले वर्षों में भारत के लाखों युवाओं के लिए रोजगार का नया माध्यम बन सकते हैं। खासकर मुस्लिम लड़कियों और छोटे शहरों के छात्रों के लिए यह क्षेत्र आत्मनिर्भर बनने का बड़ा अवसर प्रदान कर सकता है।

संस्थानों का कहना है कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी कौशल देना और उन्हें भविष्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करना है।