मुंबई
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को इंडियाज़ इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ समारोह में छात्रों के साथ संवाद किया। इस कार्यक्रम में निर्माता-अभिनेता जैकी भगनानी, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रीराम माधव नेने और हास्य कलाकार साइरस ब्रोचा सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। सभी ने मोहन भागवत के विचारों और प्रश्नोत्तर सत्र की सराहना की।
माधुरी दीक्षित के पति और प्रसिद्ध कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. श्रीराम माधव नेने ने कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर लोगों को एक साथ लाना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा, "कार्यक्रम शानदार रहा। मैं आयोजकों को बधाई देता हूं। पूरे सभागार में सकारात्मक माहौल, लोगों का उत्साह और मंच पर हुई बातचीत बेहद प्रभावशाली थी। आरएसएस प्रमुख के साथ हुआ संवाद भी बेहतरीन रहा। उन्होंने किसी भी सवाल से परहेज नहीं किया, यह बात मुझे बेहद प्रभावित कर गई।"
वहीं अभिनेता-निर्माता जैकी भगनानी ने कहा कि मोहन भागवत ने हर सवाल का मुस्कुराते हुए जवाब दिया।
उन्होंने कहा, "उन्होंने सभी सवालों का मुस्कुराकर जवाब दिया। उनके कुछ जवाब सुनने के बाद मुझे भी लगा कि उनकी बात सही है।"
कार्यक्रम में मौजूद कॉमेडियन साइरस ब्रोचा ने कहा कि इस तरह का संवाद पहली बार देखने को मिला है। उनके अनुसार, यह कार्यक्रम अलग-अलग पीढ़ियों के बीच विचारों का सेतु बनाने का प्रयास था।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमारी पीढ़ी और जेनरेशन-ज़ी के बीच विचारों का एक पुल बना है। संवाद सबसे महत्वपूर्ण होता है। अगर हम युवा पीढ़ी की बात सुनें और वे भी संतुलित तरीके से अपनी बात रखें, तो निश्चित रूप से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।"
कार्यक्रम के दौरान मोहन भागवत ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सच्चा नेतृत्व व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि निस्वार्थ सेवा, चरित्र निर्माण और दूसरों को आगे बढ़ाने की भावना पर आधारित होता है।
उन्होंने एक संस्कृत श्लोक का उल्लेख करते हुए नेतृत्व के पांच प्रमुख गुण बताए—
मोहन भागवत ने कहा कि नेतृत्व का उद्देश्य केवल स्वयं आगे बढ़ना नहीं, बल्कि ऐसे लोगों को तैयार करना है जो भविष्य में समाज का नेतृत्व कर सकें।
उन्होंने कहा, "नेतृत्व का पहला सिद्धांत है कि आप स्वयं उदाहरण बनकर नेतृत्व करें। असली नेता वही होता है जो टीम के साथ मिलकर काम करता है और अपने आचरण से दूसरों को प्रेरित करता है। नेतृत्व का अंतिम लक्ष्य नए नेताओं का निर्माण करना होना चाहिए, केवल स्वयं नेतृत्व करना नहीं।"
उन्होंने यह भी कहा कि सच्चा नेतृत्व लोगों को केवल भौतिक उन्नति की ओर नहीं, बल्कि बौद्धिक और आध्यात्मिक प्रकाश की दिशा में भी प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के अंत में मोहन भागवत और IIMUN के संस्थापक ऋषभ शाह ने प्रश्नोत्तर सत्र समाप्त करने के बाद प्रतिभागियों के साथ 'क्लॉक इट' (Clock It) इशारे के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
(एएनआई के इनपुट के साथ)