मोदी और कतर अमीर ने रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने का संकल्प दोहराया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 17-07-2026
Modi and the Emir of Qatar reiterated their resolve to strengthen the strategic partnership.
Modi and the Emir of Qatar reiterated their resolve to strengthen the strategic partnership.

 

नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने गुरुवार को टेलीफोन पर बातचीत कर कतर के दिवंगत फादर अमीर शेख हमद बिन खलीफा अल थानी के निधन पर शोक व्यक्त किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत और कतर के बीच रणनीतिक साझेदारी तथा लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया। दोनों नेताओं ने कहा कि वे फादर अमीर की उस विरासत को आगे बढ़ाएंगे, जिसने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से जारी बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान फादर अमीर को आधुनिक कतर का प्रमुख शिल्पकार बताते हुए उनकी दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने न केवल कतर के विकास की मजबूत नींव रखी, बल्कि भारत और कतर के संबंधों को भी लगातार मजबूत करने में अहम योगदान दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी याद किया कि फादर अमीर के मन में भारत और कतर में रहने वाले भारतीय समुदाय के प्रति विशेष स्नेह था। उन्होंने कहा कि शेख हमद हमेशा भारत-कतर संबंधों को नई दिशा देने के पक्षधर रहे और दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास करते रहे।

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने प्रधानमंत्री मोदी का फोन करने और इस कठिन समय में संवेदना व्यक्त करने के लिए आभार जताया। उन्होंने भारत सरकार और भारतीय जनता की ओर से मिली संवेदनाओं के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि दोनों देशों के बीच गहरे संबंध भविष्य में भी और मजबूत होंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी अपनी बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि उन्होंने कतर के अमीर से बात कर फादर अमीर के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि शेख हमद बिन खलीफा अल थानी का भारत के प्रति विशेष लगाव, कतर में भारतीय समुदाय के प्रति उनका अपनापन और भारत-कतर संबंधों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी विरासत दोनों देशों को भविष्य में भी रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रेरित करती रहेगी।

बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को और गहरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने भविष्य में भी नियमित संपर्क बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।

यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब भारत सरकार ने फादर अमीर के सम्मान में 13 जुलाई को राष्ट्रीय शोक घोषित किया था। भारत ने इस निर्णय के माध्यम से कतर के दिवंगत नेता के प्रति सम्मान प्रकट किया, जिन्हें भारत का घनिष्ठ मित्र माना जाता था।

प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले भी फादर अमीर को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक दूरदर्शी नेता और भारत का सच्चा मित्र बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि शेख हमद के नेतृत्व में कतर ने विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छुआ। प्रधानमंत्री ने यह भी याद किया कि फरवरी 2024 में दोहा यात्रा के दौरान उन्हें फादर अमीर से मिलने का अवसर मिला था, जिसे उन्होंने अपने लिए सम्मान की बात बताया था।

74 वर्ष की आयु में निधन से पहले शेख हमद बिन खलीफा अल थानी ने वर्ष 1995 से 2013 तक कतर का नेतृत्व किया। उनके शासनकाल में ऊर्जा संपन्न देश कतर ने आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की। वैश्विक मंच पर कतर की पहचान मजबूत करने में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

उनके कार्यकाल के दौरान वर्ष 2004 में कतर का पहला स्थायी संविधान लागू किया गया। इसी अवधि में नगरपालिका चुनावों की शुरुआत हुई, जिनमें महिलाओं को पहली बार मतदान करने और चुनाव लड़ने का अधिकार दिया गया। इन सुधारों को कतर के लोकतांत्रिक और सामाजिक विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है।

विश्लेषकों का मानना है कि भारत और कतर के बीच मजबूत राजनीतिक विश्वास, ऊर्जा सहयोग, व्यापार, निवेश और कतर में रहने वाले लाखों भारतीयों की मौजूदगी दोनों देशों के रिश्तों की सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी और कतर के अमीर के बीच हुई यह बातचीत केवल शोक संवेदना तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों देश भविष्य में अपनी रणनीतिक साझेदारी को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।