मिजोरम CM ने MIWAS समेत 4 डिजिटल पहल लॉन्च कीं

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 16-10-2026
Mizoram CM Lalduhoma launches MIWAS, e-SANCTION, e-BUDGET and 100% DBT
Mizoram CM Lalduhoma launches MIWAS, e-SANCTION, e-BUDGET and 100% DBT

 

आइजोल (मिजोरम) 

मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने राज्य सरकार की चार प्रमुख डिजिटल वित्तीय प्रबंधन पहलें शुरू की हैं - मिजोरम इंटीग्रेटेड वर्क्स अकाउंट्स सिस्टम (MIWAS), ई-सेंक्शन (e-Sanction), ई-बजट (e-Budget) और 100% डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, वित्त विभाग के तहत लागू की गई इन पहलों का उद्देश्य सार्वजनिक वित्त प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करना है। CMO के मुताबिक, MIWAS छह विभागों में कार्य खातों (वर्क्स अकाउंट्स) को सुव्यवस्थित करेगा: लोक निर्माण विभाग (PWD), लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE), विद्युत विभाग (P&E), सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (IWRD), पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग (EFCC), और भूमि संसाधन, मृदा एवं जल संरक्षण विभाग (LRS&WC)।
 
यह अकाउंटेंट जनरल को सौंपे गए व्यय आंकड़ों के मिलान (reconciliation) में सुधार करेगा और ट्रेजरी के माध्यम से व्यय वाउचरों को सही ढंग से जमा करना सुनिश्चित करेगा। ई-बजट मॉड्यूल IFMIS के माध्यम से बजट प्रस्तावों को ऑनलाइन तैयार करने और जमा करने में सक्षम बनाएगा, जिससे मैनुअल काम, गणना की गलतियों और प्रोसेसिंग में होने वाली देरी में कमी आएगी। ई-सेंक्शन मॉड्यूल व्यय मंजूरियों (exp expenditure sanctions) की ऑनलाइन प्रोसेसिंग को आसान बनाएगा। इससे 'ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर्स' (DDO) और विभागाध्यक्ष अपने प्रस्तावों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से संबंधित प्रशासनिक विभागों और वित्त विभाग तक भेज सकेंगे।
 
CMO ने बताया कि इससे उपलब्ध बजट से अधिक खर्च होने को रोकने में भी मदद मिलेगी। 100% DBT के तहत, 'थलाई थार लीना' (Thlai Thar Leina), 'बाना काइह' (Bana Kaih) और बिजली सब्सिडी जैसी राज्य योजनाओं के भुगतान, ट्रेजरी द्वारा बिल पास किए जाने के बाद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। साथ ही, IFMIS के जरिए भुगतान की स्थिति (payment status) को भी ट्रैक किया जा सकेगा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक धन के कुशल उपयोग और पारदर्शिता सुनिश्चित करने में डिजिटल वित्तीय प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया।
 
उन्होंने बताया कि पिछले साल मिजोरम को SASCI भाग IX के तहत 350 करोड़ रुपये मिले थे, और अब राज्य 2026-27 के दौरान SASCI भाग IV और भाग IX के तहत लगभग 650 करोड़ रुपये प्राप्त करने की तैयारी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने राज्य के डिजिटल वित्तीय बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में वित्त विभाग, ICT विभाग, इंटरलेस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) के योगदान को भी सराहा। ये पहल मिजोरम में वित्तीय प्रशासन को आधुनिक बनाने और सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने की दिशा में एक और कदम हैं।