आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और सॉफ्टवेयर बनाने वाली दिग्गज कंपनी गूगल ने डिजिटल तकनीकों, कृत्रिम बद्धिमत्ता (एआई), डेटा-आधारित आकड़ों और क्षमता निर्माण की मदद से भारत के पर्यटन स्थलों के प्रचार को मजबूत करने के लिए साझेदारी की है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
इस संबंध में मंगलवार को केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मौजूदगी में मंत्रालय और गूगल इंडिया के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) किया गया।
यह समझौता ज्ञापन पर्यटन को डिजिटल माध्यम से बढ़ावा देने, जानकारी साझा करने, क्षमता निर्माण और पर्यटकों के जुड़ाव को बेहतर बनाने के लिए नयी प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल समेत प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग के लिए एक ढांचा तैयार करता है।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘यह साझेदारी गूगल के डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में उसकी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के बीच भारत के पर्यटन स्थलों, अनुभवों और सांस्कृतिक विरासत की पहुंच और दृश्यता को मजबूत करेगी।’’
मंत्रालय ने कहा कि यह सहयोग ‘‘गैर-वाणिज्यिक, गैर-बाध्यकारी और गैर-विशिष्ट’’ है तथा इससे किसी भी पक्ष पर कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा।
शेखावत ने कहा, ‘‘डिजिटल प्रौद्योगिकियों में ऐसे अनुभव तैयार करने की क्षमता है, जो दुनिया भर के दर्शकों के सामने भारत के सांस्कृतिक स्थलों की भव्यता और गौरव को प्रदर्शित कर सकते हैं।’’
मंत्री ने कहा कि यह सहयोग ‘अतुल्य भारत’ पहल के तहत पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नवोन्मेषी और प्रौद्योगिकी आधारित तरीकों को अपनाने की मंत्रालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।