अनुसूची M में ग्रेड A माइक्रोबियल निगरानी संशोधन

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 04-11-2026
Ministry of Health proposes amendments to Schedule M to align Grade A microbial monitoring requirements with WHO guidelines
Ministry of Health proposes amendments to Schedule M to align Grade A microbial monitoring requirements with WHO guidelines

 

नई दिल्ली 

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने 'ड्रग्स रूल्स, 1945' के 'शेड्यूल M' में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। 28 अक्टूबर, 2026 के GSR नंबर 953(E) के जरिए लाए गए इस प्रस्ताव का उद्देश्य 'ग्रेड A क्लीन एरिया' (साफ-सफाई वाले क्षेत्रों) में माइक्रोबियल कंटामिनेशन (सूक्ष्मजीवों के संदूषण) की निर्धारित सीमाओं को संशोधित करना है। यह बदलाव विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की 'टेक्निकल रिपोर्ट सीरीज (TRS) नंबर 1044, एनेक्सचर 2' के अनुरूप है, जो 'स्टेराइल फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स' (कीटाणुमुक्त दवा उत्पादों) के लिए 'गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP)' से संबंधित है।
 
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, इस प्रस्तावित संशोधन का लक्ष्य 'शेड्यूल M' के तहत तय माइक्रोबियल कंटामिनेशन की सीमाओं और 'ग्रेड A' क्षेत्रों के लिए WHO की आवश्यकताओं के बीच मौजूद अंतर को दूर करना है। इससे भारत के नियामक प्रावधान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य मानकों के अनुरूप हो जाएंगे। 'ग्रेड A' क्षेत्र, स्टेराइल फार्मास्युटिकल निर्माण में बहुत महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं, जहां खुले उत्पादों, कंटेनरों और कीटाणुमुक्त किए गए घटकों को संभाला जाता है। इन क्षेत्रों में माइक्रोबियल नियंत्रण को बहुत सख्ती से बनाए रखना जरूरी है, ताकि स्टेराइल फार्मास्युटिकल उत्पादों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
 
यह प्रस्तावित संशोधन 'संशोधित शेड्यूल M' को WHO के दिशानिर्देशों के साथ तालमेल बिठाने में मदद करेगा और देश में स्टेराइल फार्मास्युटिकल निर्माण को नियंत्रित करने वाले नियामक ढांचे को और मजबूत करेगा। इसमें यह भी प्रावधान है कि यदि 'ग्रेड A' क्षेत्रों में किसी भी तरह की माइक्रोबियल वृद्धि (सूक्ष्मजीवों का पनपना) पाई जाती है, तो WHO के दिशानिर्देशों के अनुसार उसकी जांच की जानी चाहिए। यह प्रस्तावित संशोधन फार्मास्युटिकल निर्माण में गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने, घरेलू नियामक आवश्यकताओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाने, और फार्मास्युटिकल उत्पादों की गुणवत्ता व सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
 
हितधारकों और आम जनता से अनुरोध है कि यदि उनके पास इस प्रस्तावित संशोधन को लेकर कोई आपत्ति या सुझाव है, तो वे इसे भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अवर सचिव (ड्रग्स रेगुलेशन) के पास भेज सकते हैं। इसके लिए पता है: U-6, वर्क हॉल, C विंग, पहली मंजिल, कर्तव्य भवन-1, नई दिल्ली-110001। इसके अलावा, आप drugsdiv-mohfw[at]gov[dot]in पर ईमेल के जरिए भी अपने सुझाव या आपत्तियां भेज सकते हैं। आधिकारिक गजट (Official Gazette) को सरकारी पोर्टल के माध्यम से देखा जा सकता है।