2.5 million people in India at risk of falling into poverty due to ongoing conflict in West Asia: Report
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पश्चिम एशिया में संघर्ष से भारत में 25 लाख लोगों के गरीबी में धकेल दिए जाने का खतरा है और देश के मानव विकास की प्रगति में कुछ कमी आने की आशंका है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने ‘पश्चिम एशिया में सैन्य वृद्धि: एशिया एवं प्रशांत क्षेत्र में मानव विकास पर प्रभाव’ शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा कि यह संघर्ष ‘‘ एशिया तथा प्रशांत क्षेत्र में मानव विकास के दबाव को बढ़ा रहा है।’’
इसमें कहा गया कि ईंधन, मालभाड़ा और कच्चे माल की लागत बढ़ने से घरेलू क्रय शक्ति घट रही है, खाद्य असुरक्षा बढ़ रही है, सरकारी बजट पर दबाव पड़ रहा है और आजीविका कमजोर हो रही है।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, वैश्विक स्तर पर 88 लाख लोग गरीबी के जोखिम में आ सकते हैं और इस सैन्य तनाव से एशिया-प्रशांत क्षेत्र को 299 अरब डॉलर तक का नुकसान हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में गरीबी से प्रभावित लोगों की संख्या लगभग चार लाख से बढ़कर 25 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। संघर्ष के कारण दुनिया भर में गरीबी में धकेले जाने वाले लोगों की संख्या लगभग 19 लाख से बढ़कर करीब 88 लाख तक हो सकती है जिसमें दक्षिण एशिया के लोग सबसे अधिक होंगे।