मेकेदातु बांध विवाद : संसद में उठाएगी कावेरी जल बंटवारे का मुद्दा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 17-07-2026
Mekedatu dam dispute: Cauvery water sharing issue to be raised in Parliament
Mekedatu dam dispute: Cauvery water sharing issue to be raised in Parliament

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने केंद्र सरकार से मेकेदातु बांध विवाद के समाधान के लिए तत्काल एक विशेष न्यायाधिकरण गठित करने तथा यह सुनिश्चित करने की मांग की है कि तमिलनाडु के वैध हिस्से का कावेरी नदी का पानी कर्नाटक बिना किसी और विलंब के छोड़े।

पार्टी अध्यक्ष एवं तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की अध्यक्षता में संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले बृहस्पतिवार को आयोजित द्रमुक सांसदों की बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया।
 
बैठक में 12 जून को परंपरागत तिथि पर मेट्टूर बांध के द्वार नहीं खोले जाने से राज्य के किसानों पर पड़े गंभीर असर पर चिंता जतायी गयी।
 
प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि कर्नाटक सरकार उच्चतम न्यायालय के अंतिम फैसले का उल्लंघन करते हुए जनवरी 2024 से तमिलनाडु के लिए पानी नहीं छोड़ रही है।
 
द्रमुक ने कहा कि उसकी पार्टी की सरकार ने मेकेदातु परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर चर्चा रुकवाई थी और पर्यावरण मंजूरी के प्रस्ताव को भी केंद्रीय एजेंडे से हटवाया था।
 
पार्टी ने सांसदों से मानसून सत्र में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने और राज्य के अधिकारों तथा संविधान की रक्षा से जुड़े हर मुद्दे पर तमिलनाडु की आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।