उधमपुर (जम्मू-कश्मीर):
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में 1 जेएंडके एयर स्क्वाड्रन एनसीसी ने बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया। यह अभियान उधमपुर जिले के जखानी क्षेत्र स्थित खूबसूरत नगर वन में आयोजित किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों, वन विभाग के विशेषज्ञों और एनसीसी कैडेटों ने मिलकर सैकड़ों पौधे लगाए।
इस पहल का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटना, पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करना और समाज में हरियाली के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन उधमपुर के डिप्टी कमिश्नर मिंगा शेरपा ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने सबसे पहले पौधा लगाकर अभियान की शुरुआत की और लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील की। इस अवसर पर 1 एयर स्क्वाड्रन एनसीसी उधमपुर के कमांडिंग ऑफिसर परवीन बिश्नोई, उधमपुर के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर (डीएफओ) सत्येंद्र मौर्य (आईएफएस) तथा जम्मू-कश्मीर वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।
कमांडिंग ऑफिसर परवीन बिश्नोई ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य “हरित क्रांति” के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में लगभग 150 छात्र और एनसीसी कैडेट शामिल हुए हैं।
उन्होंने कहा, “पृथ्वी का स्वास्थ्य हमारे भविष्य से जुड़ा हुआ है। यदि हमें आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण देना है, तो अधिक से अधिक पेड़ लगाना और उनकी देखभाल करना आवश्यक है।”
अभियान के दौरान केवल पौधारोपण ही नहीं किया गया, बल्कि लोगों को पर्यावरण संरक्षण के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। आयोजकों ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के दौर में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपायों में से एक है, जो वायु गुणवत्ता सुधारने, जैव विविधता बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता युवाओं की सक्रिय भागीदारी रही। 150 से अधिक एनसीसी कैडेटों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न स्वदेशी प्रजातियों के 150 से अधिक पौधे लगाए। कैडेटों ने पौधों की सुरक्षा और उनके नियमित संरक्षण का भी संकल्प लिया।
आयोजकों का मानना है कि इस तरह के अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं होने चाहिए, बल्कि इन्हें जन आंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। यदि प्रत्येक नागरिक अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
1 जेएंडके एयर स्क्वाड्रन एनसीसी और जम्मू-कश्मीर वन विभाग के संयुक्त प्रयास ने यह संदेश दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही संभव है। युवाओं की ऊर्जा और जनसहभागिता के माध्यम से ही “हरित क्रांति” का सपना साकार किया जा सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।