Maratha community calls for bandh in support of Jarange, receives 'overwhelming' response in Latur
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
मराठा आरक्षण आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे के विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में समुदाय द्वारा बुलाए गए बंद को बृहस्पतिवार को लातूर जिले में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। लातूर शहर में बंद काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा, जबकि औसा और निलंगा में समुदाय के लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
लातूर शहर में मराठा समुदाय के सदस्यों द्वारा बुलाए गए बंद के कारण स्कूल और कॉलेज बंद रहे। कई दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे, जिससे शहर में सन्नाटा पसरा रहा।
बंद का आह्वान जरांगे की भूख हड़ताल के समर्थन में किया गया था। जरांगे ने 29 अगस्त को जालना जिले के अंतरवाली सराटी में अपनी नवीनतम अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। वह मराठों के लिए आरक्षण और अन्य मांगों के साथ-साथ गजट रिकॉर्ड के आधार पर कुनबी प्रमाण पत्र तुरंत जारी करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आंदोलन को मुंबई तक ले जाने की भी चेतावनी दी है।
मराठा समुदाय के एक सदस्य ने कहा, ‘‘लातूर और जिले के अन्य हिस्सों में बंद को जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।’’
औसा में मराठा समुदाय के लोगों के पानी की टंकी पर चढ़ने और करीब ढाई घंटे तक विरोध-प्रदर्शन करने के बाद तनाव पैदा हो गया। प्रदर्शनकारियों ने जरांगे के समर्थन में नारे लगाए और सरकार से उनकी मांगों को पूरा करने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की।
प्रदर्शनकारी औसा के तहसीलदार से मिलकर प्रशासन को अपनी मांगें सौंपना चाहते थे। आखिरकार, पुलिस द्वारा समझाने-बुझाने के बाद वे दोपहर करीब 2 बजे पानी की टंकी से नीचे उतरे।