Major action on academic misconduct in China, four top professors removed from their posts
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
चीन ने अकादमिक कदाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सार्वजनिक कार्रवाई शुरू करते हुए चार प्रमुख शिक्षाविदों को उनके पद से हटा दिया है और विश्वविद्यालयों तथा अस्पतालों के 40 से अधिक शोधकर्ताओं के खिलाफ जांच शुरू की है।
हांगकांग से प्रकाशित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने बृहस्पतिवार को खबर दी कि चीन के राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान फाउंडेशन (एनएसएफसी) ने 26 अगस्त को देशभर के विश्वविद्यालयों और अस्पतालों में अकादमिक कदाचार के 31 नए मामलों का विवरण जारी किया। इन मामलों में 40 से अधिक शोधकर्ता शामिल हैं।
एनएसएफसी की यह घोषणा चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा अकादमिक कदाचार के खिलाफ कार्रवाई किए जाने का आह्वान करने के करीब दो महीने बाद की गयी है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में चार प्रमुख शिक्षाविदों को अपने पद गंवाने पड़े। हाई-प्रोफाइल ब्लॉगर और पीएचडी की पढ़ाई बीच में छोड़ चुके छात्र गेंग ने अप्रैल में सार्वजनिक रूप से इन शिक्षाविदों के नाम उजागर किए थे और उनके शोध में कथित कदाचार की ओर ध्यान दिलाया था।