आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कैथोलिक बिशप पर दुष्कर्म का आरोप लगाने के बाद लंबी और कठिन कानूनी लड़ाई लड़ने वाली एक नन और उनके साथ खड़ी रहीं दो अन्य ननों के लिए ‘स्टैंड बाय मी’ ‘क्लोदिंग ब्रांड’ अब उनके जीवन का नया अध्याय बन गया है।
कपड़ों का यह ‘क्लोदिंग ब्रांड’ न केवल उनकी आजीविका का साधन बना है बल्कि उन्हें अपना भविष्य संवारने का अवसर भी दे रहा है।
पूर्व जालंधर बिशप फ्रैंको मुलक्कल से जुड़े दुष्कर्म मामले ने जब देशभर में ध्यान आकर्षित किया था, उसके कई साल बाद इन तीनों ननों के सामने एक अलग चुनौती खड़ी हुई कि अपने दम पर जीवनयापन कैसे किया जाए।
कुराविलंगाडु स्थित अपने ‘कॉन्वेंट’ में उन्हें इसका जवाब एक सिलाई मशीन के रूप में मिला। जिस काम को उन्होंने कभी एक कौशल सीखने के तौर पर शुरू किया था अब वही एक छोटे लेकिन धीरे-धीरे बढ़ते कपड़ों के कारोबार में बदल गया है। इससे उन्हें केवल काम ही नहीं मिला, बल्कि आत्मनिर्भरता और उस मुश्किल दौर से आगे बढ़ने का अवसर भी मिला, जिसने उन्हें सार्वजनिक रूप में चर्चा में ला दिया है।
बिशप के खिलाफ आरोप लगाने वाली नन ने बृहस्पतिवार को मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हमने इसकी शुरुआत जरूरत के कारण की थी। पहले सीखी गई सिलाई अब हमारे लिए आजीविका का साधन बन गई है।’’