आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत के पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस के निवर्तमान विधायक मनोज तिवारी ने मंगलवार को कहा कि उनके लिए ‘तृणमूल कांग्रेस का अध्याय अब खत्म हो गया है।’ उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी ने उन्हें हावड़ा की शिबपुर सीट से टिकट देने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि उन्होंने पांच करोड़ रुपये देने से इनकार कर दिया था।
भारत के 40 वर्षीय पूर्व बल्लेबाज और बंगाल क्रिकेट के इतिहास में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी (10,195 प्रथम श्रेणी रन) ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार में खेल राज्य मंत्री थे। ममता का 15 साल का कार्यकाल हालिया विधानसभा चुनावों में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बड़ी जीत के साथ समाप्त हो गया।
तिवारी ने पीटीआई को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘इस करारी हार से मुझे बिल्कुल भी हैरानी नहीं हुई है। जब पूरी पार्टी ही भ्रष्टाचार में लिप्त हो और किसी भी क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ हो तो ऐसा होना ही था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सिर्फ वही लोग टिकट खरीद पाए जो भारी-भरकम रकम दे सकते थे। इस बार कम से कम 70 से 72 उम्मीदवारों ने टिकट पाने के लिए करीब पांच करोड़ रुपये दिए। मेरे से भी पैसे मांगे गए थे लेकिन मैंने देने से मना कर दिया। यह तो देखिए कि जिन लोगों ने पैसे दिए उनमें से कितने लोग चुनाव जीत पाए हैं।’’
तिवारी ने कहा, ‘‘जहां तक तृणमूल की बात है तो मेरे लिए अब वह अध्याय पूरी तरह से खत्म हो चुका है।’’
तिवारी ने कहा कि उनका राजनीति में आने का कोई इरादा नहीं था, भले ही 2019 में तृणमूल ने उन्हें लोकसभा का टिकट देने की पेशकश की थी। आखिरकार 2021 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने शिबपुर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की।
उन्होंने कहा, ‘‘उस समय मैं आईपीएल में पंजाब किंग्स के लिए खेल रहा था और रणजी ट्रॉफी में खेलने को लेकर गंभीर था जब दीदी (ममता) चाहती थीं कि मैं लोकसभा चुनाव लड़ूं।’’