आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
दुनिया भर में, खासकर अफ्रीका में, शिक्षा प्रणालियां ऐसे पाठ्यक्रमों की ओर बढ़ रही हैं जो रटने की बजाय आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान जैसे कौशल विकसित करने पर जोर देते हैं।
योग्यता-आधारित यानी कॉम्पीटेन्सी बेस्ड पाठ्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को केंद्र में रखना है। इनका लक्ष्य छात्रों को एक तेजी से बदलती दुनिया के लिए तैयार करना है, जहां सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि व्यक्ति कितनी जल्दी खुद को ढाल सकता है, सोच सकता है और जटिल समस्याओं को हल कर सकता है।
पारंपरिक पाठ्यक्रमों के विपरीत, जो अक्सर तथ्यों को याद करने और विषयवस्तु को पूरा करने पर जोर देते हैं, ये नए पाठ्यक्रम इस बात पर केंद्रित हैं कि छात्र जो सीखते हैं उसे वास्तविक जीवन में कैसे लागू करते हैं।