आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
महाराष्ट्र कांग्रेस ने मंगलवार को भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति सरकार की 36,500 करोड़ रुपये की किसान कर्ज माफी योजना को ‘महज दिखावा’ करार दिया और कहा कि विधानसभा में पेश अनुपूरक मांगों में इस योजना के लिए केवल 20,000 करोड़ रुपये का ही प्रावधान किया गया है।
विधान भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने सवाल उठाया कि सरकार बाकी करीब 16,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कैसे करेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने कहा है कि वह पूरी कर्जमाफी की राशि एकमुश्त बैंकों को देगी। लेकिन शेष 16,000 करोड़ रुपये कहां से लाएगी? इसका मतलब है कि यह घोषणा सिर्फ दिखावा है। लाभार्थियों की संख्या भी बढ़ा-चढ़ाकर बताई गई है और हमने कल विधानसभा में इसका खुलासा किया था।’’
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने दो जून को 'पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर शेतकरी कर्जमुक्ति योजना' को मंजूरी दी थी। 36,585 करोड़ रुपये की इस योजना से लगभग 56 लाख किसानों को लाभ मिलने का दावा किया गया था।
वडेट्टीवार ने सरकार के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि योजना से 56 लाख किसान लाभान्वित होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘56 का आंकड़ा काफी प्रसिद्ध है और सभी जानते हैं कि यह किसके सीने के माप की ओर इशारा करता है। वास्तव में इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 12 लाख से अधिक नहीं होगी। अंतिम आंकड़े आने पर इस योजना पर कुल खर्च 12,000 करोड़ रुपये से ज्यादा नहीं होगा।’’
कांग्रेस नेता ने कहा कि खरीफ बुवाई का मौसम शुरू हो चुका है और किसान कर्जमाफी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन यह योजना उन्हें वास्तविक राहत देने में विफल रहेगी।