Mahadev App case: ED attaches new properties, including a Dubai property, of Ravi Uppal
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि उसने ‘‘अवैध’’ महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में फरार प्रमुख प्रवर्तकों में से एक रवि उप्पल सहित विभिन्न आरोपियों की लगभग 21 करोड़ रुपये की नयी संपत्ति कुर्क की है। इस मामले में छत्तीसगढ़ के कई बड़े राजनीतिक नेताओं और नौकरशाहों की कथित संलिप्तता बताई जाती है।
धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 10 जनवरी को एक अंतरिम आदेश जारी किया गया।
पिछले हफ्ते, ईडी ने इसी तरह का एक आदेश जारी कर महादेव ऑनलाइन बुक (एमओबी) नामक ऐप के एक अन्य मुख्य प्रवर्तक सौरभ चंद्राकर तथा कुछ अन्य लोगों की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था।
एजेंसी ने एक बयान में कहा कि नवीनतम आदेश के तहत, दुबई के एट्रीया रा में स्थित उप्पल की 6.75 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली गई है। इसने कहा कि जिन अन्य लोगों पर इसी तरह की कार्रवाई की गई है, उनमें चंद्राकर का ‘‘करीबी सहयोगी’’ रजत कुमार सिंह भी शामिल है।
ईडी ने कहा कि उसने ऐप के विभिन्न पैनल से लगभग 15-20 करोड़ रुपये कमाए और भिलाई (छत्तीसगढ़) तथा दुबई में स्थित उसकी संपत्तियों को कुर्क कर लिया गया है।
इसने यह भी कहा कि भारत में रहने वाले सौरभ आहूजा और विशाल रमानी, विनय कुमार, हनी सिंह, लकी गोयल और राजा गुप्ता की संपत्तियों को भी कुर्क कर लिया गया है।
ईडी के अनुसार, कुर्क की गई संपत्ति का कुल मूल्य 21.45 करोड़ रुपये है।
चंद्राकर का आखिरी ज्ञात ठिकाना संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) था, जबकि उप्पल के बारे में कहा जाता है कि वह यूएई से भागकर वानुअतु चला गया है। भारत उसका प्रत्यर्पण कराने की कोशिश कर रहा है।