मद्रास हाई कोर्ट ने 6 AIADMK विधायकों के इस्तीफ़े मंज़ूर किए, अयोग्यता कार्रवाई जारी रहेगी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 13-10-2026
Madras HC upholds Speaker's acceptance of resignations of 6 AIADMK MLAs; disqualification proceedings can continue
Madras HC upholds Speaker's acceptance of resignations of 6 AIADMK MLAs; disqualification proceedings can continue

 

चेन्नई (तमिलनाडु) 
 
मद्रास हाई कोर्ट ने मंगलवार को तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर J.C.D. प्रभाकर के उस फ़ैसले को सही ठहराया, जिसमें उन्होंने AIADMK के छह विधायकों के इस्तीफ़े स्वीकार किए थे। ये विधायक 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) में शामिल हो गए थे। इन विधायकों के नाम हैं - मरगथम कुमारवेल, सत्यभामा, इसक्की सुब्बैया, जयकुमार, MR विजयभास्कर और C विजयभास्कर। चीफ़ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस G. अरुल मुरुगन की डिवीज़न बेंच ने AIADMK के व्हिप एग्री S.S. कृष्णमूर्ति द्वारा स्पीकर के आदेश को चुनौती देने वाली कई रिट याचिकाओं को आंशिक रूप से मंज़ूरी दी। ये इस्तीफ़े 26 मई और 29 जून, 2026 के बीच स्वीकार किए गए थे।
 
बेंच ने कहा कि इस्तीफ़े स्वीकार करना संवैधानिक रूप से सही था और इसके लिए किसी विस्तृत जांच की ज़रूरत नहीं थी। बेंच ने यह भी कहा कि विधायकों के ख़िलाफ़ अयोग्यता की कार्यवाही जारी रह सकती है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विधायकों के ख़िलाफ़ अयोग्यता की कार्यवाही लंबित होने के बावजूद बिना उचित जांच के इस्तीफ़े स्वीकार कर लिए गए। अयोग्यता की याचिका इस आरोप पर दायर की गई थी कि छह विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) सरकार के समर्थन में वोट दिया था।
 
इससे पहले, विधानसभा स्पीकर JCD प्रभाकर ने AIADMK के छह विधायकों के इस्तीफ़े स्वीकार कर लिए थे। इस पृष्ठभूमि में, AIADMK के व्हिप एग्री कृष्णमूर्ति और नेशनल पीपल्स पावर पार्टी के नेता रवि ने स्पीकर के इस्तीफ़े स्वीकार करने के आदेश को रद्द करने के लिए मामले दायर किए थे। चीफ़ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस G. अरुल मुरुगन की बेंच ने इन मामलों की सुनवाई की।
 
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्पीकर ने कोई सार्थक जांच नहीं की और हॉर्स-ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के बारे में गवर्नर से की गई शिकायत की ओर भी इशारा किया। दूसरी ओर, इस्तीफ़ा देने वाले विधायकों ने तर्क दिया कि इस्तीफ़ा देना और दूसरी पार्टी में शामिल होना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है। विधानसभा सचिव की ओर से कहा गया कि अगर विधायक अपनी मर्ज़ी से इस्तीफ़ा पत्र देते हैं, तो स्पीकर उसे स्वीकार करने से इनकार नहीं कर सकते। इस बीच, AIADMK के पूर्व विधायक मारगाथम कुमारवेल (मदुरंथकम) और पी. सत्यभामा (धरापुरम) के जोसेफ विजय की पार्टी TVK में शामिल होने के लिए इस्तीफा देने के बाद, मदुरंथकम और धरापुरम विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव हुए।
 
चुनाव आयोग के अनुसार, TVK उम्मीदवार पी. सत्यभामा ने धरापुरम विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव 66,841 वोटों से जीता और मदुरंथकम में TVK उम्मीदवार के. मारगाथम कुमारवेल की जीत हुई। दोनों ने TVK के 'सीटी' (whistle) चुनाव चिह्न के साथ दोबारा चुनाव लड़ा और DMK और AIADMK के विपक्षी उम्मीदवारों के मुकाबले बड़े अंतर से अपनी सीटें बरकरार रखीं।