मध्य प्रदेश: इंदौर के व्यापारियों ने नए MDR चार्ज के विरोध में ‘नो UPI डे’ मनाया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 23-09-2026
Madhya Pradesh: Indore traders observe ‘No UPI Day’ against new MDR charges
Madhya Pradesh: Indore traders observe ‘No UPI Day’ against new MDR charges

 

इंदौर (मध्य प्रदेश)

इंदौर के व्यापारियों ने बुधवार को एक सांकेतिक 'नो UPI डे' मनाया। यह विरोध प्रदर्शन UPI ​​के ज़रिए 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर 0.4 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के प्रस्तावित फ़ैसले के ख़िलाफ़ था। विरोध के तौर पर कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के बाहर स्टिकर भी लगाए। व्यापारियों का कहना था कि प्रस्तावित चार्ज से आख़िरकार ग्राहकों के लिए लागत बढ़ेगी और महंगाई बढ़ेगी। उन्होंने इस फ़ैसले पर फिर से विचार करने की मांग की और चेतावनी दी कि अगर ये चार्ज लागू किए गए, तो वे वापस कैश ट्रांज़ैक्शन शुरू कर सकते हैं।
 
इंदौर रिटेल गारमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष और अहिल्या चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के संयुक्त सचिव अक्षय जैन ने बताया कि इस विरोध प्रदर्शन को लगभग 125 व्यापारी संगठनों का समर्थन मिला है। जैन ने कहा, "आज हम एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अहिल्या चैंबर ऑफ़ कॉमर्स ने 'नो UPI डे' की घोषणा की है। लगभग 125 व्यापारी संगठनों ने इस अपील का समर्थन किया है और वे सभी आज कैश ट्रांज़ैक्शन कर रहे हैं। इस विरोध का मकसद सरकार का ध्यान व्यापारियों की चिंताओं की ओर खींचना और हमारी बात को समझने की कोशिश करना था। अगर आप किसी भी तरह का सरचार्ज लगाते हैं, तो इससे लागत बढ़ेगी और जब लागत बढ़ेगी, तो महंगाई भी बढ़ेगी। हम चाहते हैं कि महंगाई न बढ़े।"
 
व्यापारी ने आगे कहा कि भले ही सरकार यह कहे कि यह चार्ज व्यापारियों पर लगाया जाएगा, न कि ग्राहकों पर, लेकिन अतिरिक्त लागत का असर आख़िरकार ग्राहकों द्वारा चुकाई जाने वाली कीमतों पर ही पड़ेगा। उन्होंने कहा, "एक व्यापारी पैसा नहीं बनाता है। व्यापारी सामान बेचता है और सामान की लागत में कोई भी बढ़ोतरी आख़िरकार ग्राहक पर ही डाली जाएगी।" 2016 के बाद डिजिटल पेमेंट की ओर हुए बदलाव को याद करते हुए जैन ने कहा कि सरकार द्वारा डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के बाद व्यापारियों ने डिजिटल ट्रांज़ैक्शन अपनाए थे।
 
उन्होंने कहा, "हमने सरकार का समर्थन किया और डिजिटल पेमेंट अपनाए। 10 सालों में हमने अपने 85 प्रतिशत कारोबार को डिजिटल पेमेंट पर शिफ्ट कर लिया है। हमारे डिजिटल पेमेंट पर शिफ्ट होने के बाद, सरकार को उस सिस्टम को नहीं तोड़ना चाहिए जिसे हमारे समर्थन से बनाया गया था। हम सरकार से आग्रह करते हैं कि वह अपने फ़ैसले पर फिर से विचार करे, क्योंकि इससे महंगाई बढ़ेगी; कीमतों में इस बढ़ोतरी को रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए।" जैन ने आगे कहा कि व्यापारी 15 अक्टूबर तक पेमेंट स्वीकार करेंगे, लेकिन अगर प्रस्तावित चार्ज लागू किए जाते हैं, तो उन्हें उसके बाद कैश ट्रांज़ैक्शन पर वापस लौटना पड़ सकता है।
 
इंदौर में रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाने वाले एक और व्यापारी, हेमंत दोषी ने कहा कि व्यापारी 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर प्रस्तावित चार्ज का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इसका असर आखिरकार ग्राहकों पर ही पड़ेगा। दोषी ने कहा, "हम आज 'नो UPI डे' मना रहे हैं। हम सरकार द्वारा 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर प्रस्तावित चार्ज का विरोध कर रहे हैं क्योंकि इसका सीधा असर ग्राहक पर पड़ेगा। हम इसे अपनी जेब से नहीं दे सकते, इसलिए हमें कीमतें बढ़ाकर ग्राहकों से इसकी भरपाई करनी होगी।"
 
दोषी ने कहा कि बुधवार को विरोध के तौर पर व्यापारी सिर्फ़ कैश ट्रांज़ैक्शन कर रहे थे और बाद में वे 2,000 रुपये से कम की रकम के लिए UPI पेमेंट स्वीकार करेंगे।
दोषी ने कहा, "आज हम UPI के ज़रिए एक रुपया भी नहीं लेंगे। अगर यह MDR वापस नहीं लिया गया, तो हम UPI के ज़रिए 2,000 रुपये से ज़्यादा का पेमेंट स्वीकार नहीं करेंगे। 2,000 रुपये से ज़्यादा का पेमेंट कैश में लिया जाएगा, जबकि 2,000 रुपये से कम का पेमेंट UPI के ज़रिए स्वीकार किया जाएगा।"