एम.एम. कीरवानी ने 150वीं वर्षगांठ पर गणतंत्र दिवस पर ‘वन्दे मातरम्’ की रचना करने का लिया जिम्मा

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari | Date 20-01-2026
M.M. Keeravani took on the task of composing 'Vande Mataram' for the Republic Day celebrations on the 150th anniversary
M.M. Keeravani took on the task of composing 'Vande Mataram' for the Republic Day celebrations on the 150th anniversary

 

आवाज द वॉयस/ नई दिल्ली 
 
ऑस्कर विजेता संगीतकार एम.एम. कीरवानी को इस साल भारत के गणतंत्र दिवस पर वन्दे मातरम् का विशेष संगीत तैयार करने के लिए चुना गया है। यह अवसर और भी खास इसलिए है क्योंकि इस साल वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। यह ऐतिहासिक गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देशभक्ति की भावना का प्रतीक रहा है और अब इस कार्यक्रम में कीरवानी का संगीत इसे नए रूप में प्रस्तुत करेगा।
 
इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर की जाने वाली प्रस्तुति संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित होगी। लगभग 2,500 कलाकार देश भर से इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे। इस बड़े पैमाने की प्रस्तुति में भारत की सांस्कृतिक विविधता के साथ-साथ वन्दे मातरम् के ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व को भी उजागर किया जाएगा।
 
कीरवानी ने जताई आभार और भावनाएँ

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस घोषणा को साझा करते हुए कीरवानी ने कहा, “वन्दे मातरम् के 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर संगीत रचना करने का अवसर पाकर मैं अत्यंत सम्मानित और गौरवान्वित महसूस कर रहा हूँ। इस भव्य प्रस्तुति में देशभर से 2,500 कलाकार भाग लेंगे। आइए, हम सब मिलकर अपने राष्ट्र की भावना का जश्न मनाएँ — वन्दे मातरम्।”
 
उनके इस संदेश को प्रशंसकों, फिल्म और संगीत जगत के सहयोगियों तथा सार्वजनिक हस्तियों द्वारा सराहा गया। कई लोगों ने इसे उनकी संगीत यात्रा और भारतीय संगीत में योगदान के लिए उपयुक्त सम्मान बताया।
 
ऐतिहासिक गीत, ऐतिहासिक अवसर

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 19वीं सदी में लिखा गया वन्दे मातरम् भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा एक महत्वपूर्ण गीत रहा है। इस साल गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर गणतंत्र दिवस समारोह इसे और भी विशेष बना देता है।
 
सांस्कृतिक अधिकारियों के अनुसार, इस प्रदर्शन में शास्त्रीय, लोक और आधुनिक संगीत का समन्वय होगा, जिससे भारतीय सांस्कृतिक विविधता का प्रदर्शन करते हुए गीत की आत्मा और भावनात्मक शक्ति को बनाए रखा जाएगा।
 
वैश्विक स्तर पर कीरवानी की पहचान

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एम.एम. कीरवानी अपने काम के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चर्चा में हैं। RRR फिल्म के गीत नाटू नाटू के लिए ऑस्कर जीतने के बाद, वे भारत के सबसे चर्चित और विश्वस्तरीय संगीतकारों में से एक बन गए हैं। हाल ही में एस.एस. राजामौली की आने वाली फिल्म वाराणसी से जुड़ी उनकी रचनाएँ भी दर्शकों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
 
विशेषज्ञों का मानना है कि इस राष्ट्रीय महत्व की रचना के लिए कीरवानी का चयन उनके संगीत में नवीनता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का सही मिश्रण प्रस्तुत करने की क्षमता को दर्शाता है।
 
भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुति

अधिकारियों के अनुसार, गणतंत्र दिवस पर यह प्रस्तुति भारत के विभिन्न राज्यों के कलाकारों को जोड़कर प्रस्तुत की जाएगी। 2,500 कलाकारों के इस आयोजन को गणतंत्र दिवस पर अब तक की सबसे बड़ी संगीत प्रस्तुतियों में से एक माना जा रहा है।
 
देश की 75वीं गणराज्य वर्षगांठ और वन्दे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ को मिलाकर इस प्रदर्शन को विशेष महत्व प्राप्त है। कीरवानी की रचना का उद्देश्य न केवल समारोह को भव्य बनाना है, बल्कि देशवासियों में एकजुटता और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी जगाना है।
 
26 जनवरी को देशभर की निगाहें गणतंत्र दिवस पर कीरवानी द्वारा प्रस्तुत इस भव्य वन्दे मातरम् संगीत प्रस्तुति पर होंगी, जो करोड़ों भारतीयों को देशभक्ति और गर्व के अनुभव से जोड़ देगी।