आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
लोकसभा ने बुधवार को ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी।
नीट प्रश्नपत्र लीक की पृष्ठभूमि में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में सख्त प्रावधान शामिल करने के लिए लाए गए इस संशोधन विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कुछ टिप्पणियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
इस कारण सदन की कार्यवाही पहले एक बार करीब 40 मिनट के लिए अपराह्न ढाई बजे तक और फिर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई।
तीन बजे सदन की बैठक शुरू होने पर कांग्रेस के सांसद ‘एलओपी को बोलने’ दो के नारे लगाते हुए हंगामा कर रहे थे।
हंगामे के बीच ही प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब दिया और उनके जवाब के बाद सदन ने ध्वनिमत से विधेयक को मंजूरी प्रदान कर दी।
विधेयक पारित होने के बाद कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच ही अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।
चर्चा का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि नीट प्रश्नपत्र लीक के मामले में सरकार ने फौरन कार्रवाई की और 12 जुलाई को जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
उन्होंने कहा कि कल इस मामले में आरोपपत्र दायर कर दिया गया है और आज से सुनवाई शुरू हो गई है। सिंह ने कहा कि नए संशोधन विधेयक के प्रभाव में आने के बाद फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई के साथ इस मामले में पांच महीने में फैसला आ जाएगा।
सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक के विरुद्ध कड़े प्रावधान के साथ मूल कानून 2024 में लागू किया गया था और आज प्रश्नपत्र लीक संबंधी खामियां सामने आने के बाद सरकार ने माना कि कानून को और कड़ा बनाने की जरूरत है।