अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 16-08-2026
Leaders paid tribute on Atal Bihari Vajpayee's death anniversary.
Leaders paid tribute on Atal Bihari Vajpayee's death anniversary.

 

नई दिल्ली, 16 अगस्त। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। नई दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ स्मारक पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पुष्पांजलि अर्पित कर पूर्व प्रधानमंत्री के राष्ट्र निर्माण, लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया।

उपराष्ट्रपति ने वाजपेयी को राजनेता, कवि और दूरदर्शी नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना जीवन भारत की एकता, गरिमा और रणनीतिक हितों को मजबूत करने के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी की राष्ट्र निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता, समावेशी नेतृत्व और राष्ट्रीय गौरव की भावना आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

पीएम मोदी ने भी किया वाजपेयी को याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वाजपेयी को असाधारण दूरदृष्टि वाला महान राजनेता बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित कर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयी के विचार और प्रयास पीढ़ियों को प्रेरित करते रहे हैं। उनके नेतृत्व ने देश को मजबूती दी और सुशासन तथा जनकल्याण पर उनका जोर हमेशा मार्गदर्शन करता रहेगा।

सदैव अटल पर श्रद्धांजलि देने वालों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे।

तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी

अटल बिहारी वाजपेयी स्वतंत्र भारत के प्रमुख राजनीतिक नेताओं में गिने जाते हैं। भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक नेताओं में शामिल वाजपेयी ने तीन बार प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया।

वर्ष 1996 में वह पहली बार प्रधानमंत्री बने, हालांकि उनकी सरकार कुछ समय ही चल सकी। इसके बाद 1998 में उन्होंने दोबारा प्रधानमंत्री पद संभाला। वर्ष 1999 से 2004 तक उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार का पूरे पांच वर्ष नेतृत्व किया।

उनके कार्यकाल में बुनियादी ढांचे, ग्रामीण संपर्क, राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं आगे बढ़ीं। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना उनके शासनकाल की प्रमुख पहलों में शामिल रहीं।

पोखरण से लाहौर तक अहम फैसले

वाजपेयी सरकार के कार्यकाल में 1998 में भारत ने पोखरण-II परमाणु परीक्षण किए। इसके साथ ही उनकी सरकार ने प्रमुख वैश्विक शक्तियों के साथ कूटनीतिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी प्रयास किए।

1999 में वाजपेयी ने बस से लाहौर की यात्रा कर पाकिस्तान के साथ शांति और संवाद का संदेश दिया। हालांकि उसी वर्ष भारत को कारगिल संघर्ष का सामना करना पड़ा।

वाजपेयी की राजनीति की एक विशेषता यह भी रही कि वह तीखे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद लोकतांत्रिक संस्थाओं और राष्ट्रीय हितों को महत्व देते थे। उनके प्रभावशाली वक्तृत्व और संसदीय शैली ने उन्हें भारतीय राजनीति में विशिष्ट पहचान दिलाई।

कवि और प्रभावशाली वक्ता के रूप में भी पहचान

राजनीति के अलावा वाजपेयी की पहचान एक संवेदनशील कवि और प्रभावशाली वक्ता के रूप में भी रही। उनकी कविताओं और भाषणों में राष्ट्र, समाज, संघर्ष और मानवीय संवेदनाओं की झलक दिखाई देती थी।

देश के सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2015 में भारत रत्न, देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित किया गया।

16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ था। उनकी पुण्यतिथि हर वर्ष उनके राजनीतिक योगदान, सुशासन, कूटनीति, राष्ट्र निर्माण और लोकतांत्रिक मूल्यों को याद करने के अवसर के रूप में मनाई जाती है।

रविवार को ‘सदैव अटल’ पर जुटे नेताओं ने एक बार फिर वाजपेयी की राष्ट्रीय एकता, जनसेवा, सुशासन और समावेशी नेतृत्व की विरासत को याद किया।