आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को प्रमुख इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन विनिर्माताओं के साथ बैठक की और देश में स्वदेशी विनिर्माण को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
चर्चा में देश में एक मजबूत, नवाचार-आधारित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी इलेक्ट्रिक वाहन परिवेश विकसित करने पर जोर दिया गया।
बैठक के दौरान वाहन विनिर्माताओं ने केंद्रीय मंत्री को स्वदेशी इलेक्ट्रिक वाहन मंच और तकनीकों को विकसित करने में हुई प्रगति के बारे में जानकारी दी।
अधिकारिक बयान के मुताबिक, "विनिर्माताओं ने स्वदेशी इंजीनियरिंग, उत्पाद विकास और घरेलू विनिर्माण क्षमताओं पर अपना ध्यान केंद्रित करने की बात कही। साथ ही, उन्होंने भारत को इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों के लिए एक प्रमुख वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने का अपना दृष्टिकोण साझा किया।"
बयान के अनुसार, विनिर्माताओं ने 'पीएम ई-ड्राइव योजना' पर अपनी राय रखी और इसे विस्तार देने की मांग की।
बयान के मुताबिक, इस बैठक में एथर एनर्जी के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) तरुण मेहता, मैटर के संस्थापक एवं सीईओ मोहाल लालभाई, रिवर के सह-संस्थापक एवं सीईओ अरविंद मणि, यूलर मोटर्स के संस्थापक एवं सीईओ सौरव कुमार तथा रैप्टी.एचवी के सह-संस्थापक एवं सीईओ दिनेश अर्जुन सहित अन्य प्रतिभागी शामिल हुए।
संघ के संस्थापक अध्यक्ष भरत दिघोले ने कहा कि पात्रता के नियमों में बदलाव किया जाना चाहिए, ताकि हर असली किसान को दोनों योजनाओं का लाभ मिल सके और पात्र किसानों को रुकी हुई सभी किस्तें भी जारी की जानी चाहिए।
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