आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल उच्च न्यायालय ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) की वह याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी जो प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को कंपनी के खिलाफ धन शोधन की जांच जारी रखने की अनुमति देने वाले फैसले के खिलाफ दायर की गई थी।
एकल न्यायाधीश की एक पीठ ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन की बेटी वीणा टी. के साथ खनन कंपनी के वित्तीय लेनदेन के मामले में ईडी को यह जांच जारी रखने की अनुमति दी थी।
न्यायमूर्ति राजा विजयराघवन और न्यायमूर्ति के. वी. जयकुमार की खंडपीठ ने एकल पीठ के 26 मई के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि उसे इस फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई कारण नजर नहीं आता।
उच्च न्यायालय ने सीएमआरएल के वकील के उस अनुरोध को भी अस्वीकार कर दिया जिसमें कंपनी को दो सप्ताह का संरक्षण देने का आग्रह किया गया था ताकि वह उच्चतम न्यायालय में अपील दायर कर सके।
पीठ ने कंपनी की याचिका खारिज करते हुए कहा, ‘‘अनुसूचित अपराध के संबंध में प्राथमिकी या शिकायत दर्ज नहीं होना प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दीवानी कार्रवाई शुरू करने से नहीं रोकता। अनुसूचित अपराध दर्ज होना केवल आपराधिक मामलों में अभियोजन के लिए पूर्व शर्त है, न कि दीवानी कार्रवाई के लिए या अधिनियम के तहत जांच शक्तियों के प्रयोग के लिए।’’
अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) को रद्द करने का कंपनी का अनुरोध भी स्वीकार नहीं किया।
पीठ ने मामले में जारी समन रद्द करने का अनुरोध भी खारिज कर दिया। उसने कहा कि यह मूल रूप से दीवानी कार्रवाई है, जिसका उद्देश्य अपराध से अर्जित आय का पता लगाना है।