आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
केरल सरकार ने बुधवार को संकेत दिया कि वह केंद्र की ‘पीएमश्री’ योजना से बाहर नहीं आयेगी, बल्कि इस पहल को सशर्त लागू करने की कोशिश करेगी ताकि राज्य को पाठ्यक्रम तय करने की आजादी मिल सके।
अपनी अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने यहां प्रेसवार्ता में कहा कि उन्होंने गैर-भाजपा शासित राज्यों के अपने समकक्षों के साथ इस मामले पर चर्चा की है और वे इस योजना को लागू करने के लिए सहमत हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल के सभी पहलुओं का अध्ययन करने के लिए चार मंत्रियों की एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई गई है।
सतीशन ने इस योजना से पीछे न हटने संबंधी अपने प्रशासन के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की पिछली सरकार ने केंद्र के साथ पहले ही एक समझौता कर लिया था और इस पहल के तहत लगभग 99 करोड़ रुपये भी हासिल किये थे।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार ने अतिरिक्त 106 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। ऐसे हालात में, हमें इसे जारी रखने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसके अलावा, केंद्र द्वारा वसूले गए कर से राज्य का लगभग 1,100 करोड़ रुपये का हक बनता है, जो हमें मिलना चाहिए।’’
मुख्यमंत्री संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के विधानसभा चुनाव अभियान से जुड़े कई सवालों का जवाब दे रहे थे। चुनाव प्रचार के दौरान यूडीएफ ने कहा था कि अगर वह केरल में सत्ता में आता है तो इस योजना से हट जायेगा।