केरल पटाखा विस्फोट: मरने वालों की संख्या 17

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 27-04-2026
Kerala firecracker blast: Death toll 17
Kerala firecracker blast: Death toll 17

 

त्रिशूर (केरल)

केरल के त्रिशूर जिले के मुंडाथिकोडे में हुए भीषण पटाखा विस्फोट मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। सोमवार को अस्पताल में भर्ती एक और घायल व्यक्ति की मौत हो जाने से यह आंकड़ा और बढ़ गया। पुलिस अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक की पहचान 29 वर्षीय राकेश के रूप में हुई है, जो त्रिशूर के कुंदन्नूर का निवासी था।

राकेश पटाखा निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ था और उसी यूनिट में काम कर रहा था, जहां 21 अप्रैल को यह भयावह विस्फोट हुआ था। जानकारी के अनुसार, विस्फोट होते ही उसने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन गंभीर रूप से झुलस गया। उसे तुरंत त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह आईसीयू में उपचाराधीन था। पुलिस के अनुसार, उसके शरीर का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा जल चुका था।

राकेश त्रिशूर पूरम और पुलिकली (टाइगर डांस) जैसी सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए भी जाना जाता था। उसकी मृत्यु से स्थानीय समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है।

पुलिस ने बताया कि घटना के समय उस पटाखा निर्माण इकाई में कुल 38 लोग मौजूद थे। अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। घटनास्थल से बरामद शरीर के अवशेषों की डीएनए जांच की जा रही है, ताकि लापता लोगों की पहचान की पुष्टि की जा सके। अधिकारियों ने कहा है कि यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी।

इस हादसे में घायल एक अन्य व्यक्ति की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

यह पटाखा निर्माण कार्य त्रिशूर पूरम उत्सव के तहत थिरुवंबाडी देवस्वोम के लिए किया जा रहा था। इस दुर्घटना के बाद त्रिशूर पूरम के उत्सवों को सीमित कर दिया गया है। प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से कई गतिविधियों को रद्द या कम कर दिया है।

इस घटना में उस यूनिट के लाइसेंसधारी की भी पहले ही मौत हो चुकी है, जो विस्फोट में गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे ने पूरे राज्य में पटाखा निर्माण और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना की जांच के लिए पुलिस के अलावा एक न्यायिक आयोग का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति सी.एन. रामचंद्रन कर रहे हैं। आयोग इस बात की जांच करेगा कि हादसे के पीछे क्या कारण थे और क्या सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

यह हादसा न केवल त्रिशूर बल्कि पूरे केरल के लिए एक बड़ा झटका है। स्थानीय लोग और प्रशासन इस दुखद घटना से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं मृतकों के परिवारों के लिए यह अपूरणीय क्षति है।