Kerala Chief Minister will not be decided solely on the basis of MLAs' opinion: Muraleedharan
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने मंगलवार को कहा कि केरल के मुख्यमंत्री का फैसला केवल विधायकों की राय के आधार पर नहीं किया जाएगा, बल्कि इसके लिए संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सहयोगी दलों और आम जनता के विचारों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि चूंकि यह केवल कांग्रेस का नहीं, बल्कि यूडीएफ का मुख्यमंत्री तय किया जा रहा है, इसलिए मोर्चे के सहयोगी दलों के विचारों पर भी गौर करना होगा।
मुरलीधरन ने यहां एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि अगर फैसला सिर्फ विधायकों की राय पर लेना होता, तो यह अब तक हो चुका होता। उन्होंने कहा, "यही कारण है कि आलाकमान ने इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा करने का निर्णय लिया है।"
मुरलीधरन ने कहा कि पार्टी में पिछली पीढ़ियों की तुलना में अब कांग्रेस में बदलाव आया है। मुरलीधरन ने कहा, "के. करुणाकरण, ए.के. एंटनी या ओम्मान चांडी के समय में कोई अन्य विकल्प नहीं थे। उनके नेतृत्व वाले चुनाव अभियानों में वे ही मुख्यमंत्री पद की पसंद थे। अब वैसी स्थिति नहीं है।"
केरल के मुख्यमंत्री के चयन को लेकर अनिश्चितता के बीच, कांग्रेस आलाकमान इस मामले पर अंतिम निर्णय लेने से पहले मंगलवार को केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के पूर्व अध्यक्षों और कार्यकारी अध्यक्षों की राय लेगा।