30 हजार करोड़ ट्रस्ट विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 12-05-2026
30,000 Crore Trust Dispute Reaches Supreme Court
30,000 Crore Trust Dispute Reaches Supreme Court

 

नई दिल्ली

दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। संजय कपूर की 80 वर्षीय मां रानी कपूर ने सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर कर मांग की है कि उनकी बहू और संजय कपूर की तीसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर को “आरके फैमिली ट्रस्ट” के कामकाज में दखल देने से रोका जाए।

रानी कपूर ने अदालत से यह भी अनुरोध किया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 7 मई को शुरू की गई मध्यस्थता प्रक्रिया पूरी होने तक ट्रस्ट से जुड़े किसी भी फैसले पर रोक लगाई जाए। इसके अलावा उन्होंने 18 मई को प्रस्तावित कंपनी बोर्ड मीटिंग पर भी रोक लगाने की मांग की है। यह बैठक रघुवंशी इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बुलाई गई है, जिसके पास विवादित पारिवारिक संपत्ति का बड़ा हिस्सा मौजूद है।

मंगलवार को रानी कपूर की ओर से पेश वकील ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रस्तावित बोर्ड मीटिंग का उद्देश्य कंपनी बोर्ड में नए निदेशकों की नियुक्ति करना है।

मुख्य न्यायाधीश जेबी पारदीवाला की अगुवाई वाली पीठ ने मामले को 14 मई के लिए सूचीबद्ध किया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हम अब एक ऐसे अखाड़े में प्रवेश कर चुके हैं, जहां महाभारत भी छोटी लगने लगेगी। हम इस मामले को देखेंगे।” अदालत की यह टिप्पणी मामले की गंभीरता और पारिवारिक विवाद की तीव्रता को दर्शाती है।

बताया जा रहा है कि यह विवाद करीब 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा हुआ है। इस हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई की सुनवाई पहले से ही दिल्ली हाई कोर्ट में चल रही है। फिलहाल हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी कर संपत्ति की मौजूदा स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है ताकि अंतिम फैसला आने तक किसी तरह का बदलाव न हो।

इससे पहले 1 मई को प्रिया सचदेव कपूर की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शायल त्रेहान ने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को “सामान्य” और “संतुलित” करार दिया था। उन्होंने कहा था कि प्रिया कपूर ने पहले ही अदालत में संपत्ति को सुरक्षित रखने की सहमति दी थी और उनकी कभी भी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या बेचने की मंशा नहीं रही।

शायल त्रेहान ने कहा, “इस तरह के आदेश हर पारिवारिक संपत्ति विवाद और बंटवारे के मामलों में दिए जाते हैं। अदालत ने दोनों पक्षों के हितों में संतुलन बनाने की कोशिश की है।” उन्होंने यह भी दावा किया कि विवादित वसीयत का डिजिटल रिकॉर्ड पूरी तरह विश्वसनीय है।

30 अप्रैल को दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेत्री करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बच्चों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि याचिकाकर्ताओं और रानी कपूर द्वारा कुछ “संदिग्ध परिस्थितियां” उठाई गई हैं, जिनका जवाब देना प्रिया कपूर की जिम्मेदारी होगी।

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि संपत्ति से जुड़े खातों का पूरा विवरण पेश किया जाए और ट्रायल पूरा होने तक किसी तीसरे पक्ष को संपत्ति में अधिकार न दिया जाए। फिलहाल इस पारिवारिक विवाद पर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं।