K. Kavitha takes aim at the BRS, calling the party's constitution a "joke"
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की विधान परिषद की निलंबित सदस्य के. कविता ने सोमवार को अपने पिता के. चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली पार्टी पर निशाना साधते हुए तेलंगाना में पिछली सरकार के दौरान भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और पार्टी के संविधान को ‘मजाक’ बताया।
कविता ने विधान परिषद में यह भी कहा कि बीआरएस शासनकाल के दौरान लिए गए कुछ अलोकप्रिय निर्णयों में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
पिछले साल सितंबर में बीआरएस से निलंबित होने के तुरंत बाद विधान परिषद से इस्तीफा देने वाली कविता ने परिषद अध्यक्ष गुथा सुखेन्द्र रेड्डी से इस्तीफा स्वीकार करने का आग्रह किया।
उन्होंने बीआरएस से अपने निलंबन से संबंधित घटनाक्रन को याद करते हुए कहा कि पार्टी की जिस अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति ने उन्हें निलंबित किया, वह रातोंरात अस्तित्व में आ गई और कारण बताओ नोटिस जारी करने जैसी कोई प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।
कविता ने कहा, “उन्होंने अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति का हवाला दिया। राष्ट्रीय स्तर पर काम करने की चाह रखने वाली बीआरएस का संविधान मात्र आठ पन्नों का है। मैं आज साहसपूर्वक कह रही हूं कि बीआरएस का संविधान एक मजाक है।”
उन्होंने निलंबन में किसी भी प्रक्रिया का पालन न किए जाने का दावा करते हुए कहा, “यह निश्चित रूप से पार्टी चलाने का तरीका नहीं है।”