Judiciary has demolished the web of lies: Kavitha says after being acquitted in the excise policy case
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता ने शुक्रवार को दिल्ली आबकारी नीति मामले में बरी होने पर राहत व्यक्त की और कहा कि न्यायपालिका ने इस मामले में ‘‘झूठ के जाल’’ को ध्वस्त कर दिया है।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी कविता ने कहा कि वह हमेशा से यही कहती रही हैं कि यह मामला राजनीति से प्रेरित था और राजनीतिक प्रतिशोध के तहत ‘‘विपक्षी दलों’’ पर थोपा गया था।
उन्होंने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘सत्यमेव जयते। यह (मामला) झूठ का जाल था। न्यायपालिका ने इसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।’’
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, के. कविता और 20 अन्य लोगों को शराब नीति मामले में बरी कर दिया और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को फटकार लगाते हुए कहा कि उसे नीति में कोई ‘‘व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा’’ नहीं मिला।
कविता ने कहा कि उनके पति, ससुराल वालों और माता-पिता सहित उनके परिवार के सदस्यों और तेलंगाना जागृति कार्यकर्ताओं ने कठिन समय में उनका साथ दिया। कविता ने समर्थन के लिए उनका आभार जताया।
उन्होंने पूछा, ‘‘मेरे बच्चों के साथ जो समय मैंने खोया (उनकी पांच महीने की कैद के कारण) उसकी भरपाई कौन करेगा? ’’
उन्होंने पूछा कि ऑनलाइन उत्पीड़न और सार्वजनिक सभाओं में (नेताओं द्वारा) की गयी छींटाकशी के लिए कौन जवाबदेह होगा?
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अपनी खुशी अपने पिता केसीआर और भाई एवं बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के टी रामाराव के साथ साझा करना चाहेंगी, तो उन्होंने कहा कि अदालत के फैसले के बारे में जानने के बाद उन्होंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया।
कविता ने कहा, ‘‘यह नतीजा आने के बाद मैंने अपनी मां का आशीर्वाद लिया। अभी दूसरी बातों पर चर्चा करने का समय नहीं है। इस मामले के दौरान मेरा साथ देने वाले सभी लोगों की मैं आभारी हूं।’’
कविता को इस मामले में मार्च 2024 में गिरफ्तार किया गया था और उसी साल 29 अगस्त को दिल्ली की तिहाड़ जेल से वह रिहा हुई थीं। उच्चतम न्यायालय ने उन्हें कथित दिल्ली आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और धन शोधन मामले में जमानत दे दी थी।