दिल्ली एयरपोर्ट पर संयुक्त आतंकवाद-रोधी मॉक ड्रिल आयोजित की गई

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 26-09-2026
Joint counter terrorist mock exercise conducted at Delhi airport
Joint counter terrorist mock exercise conducted at Delhi airport

 

नई दिल्ली 
 
दिल्ली एयरपोर्ट पर एक जॉइंट काउंटर-टेररिस्ट मॉक एक्सरसाइज़ (संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभ्यास) की गई। इसका मकसद असल समय में संकट से निपटने की क्षमता को परखना, अलग-अलग एजेंसियों के बीच तालमेल को मज़बूत करना और एयरपोर्ट पर उभरते खतरों का असरदार तरीके से सामना करने के लिए ऑपरेशनल तैयारी को बेहतर बनाना था। 
 
इस एक्सरसाइज़ में सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) और संबंधित एजेंसियों के कर्मचारी शामिल हुए। इनमें दिल्ली पुलिस, नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG), बॉम्ब डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (BDDS), सेंट्रल इंडस्ट्रियल इंटेलिजेंस एंड विजिलेंस (CIW), दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL), RAXA, दिल्ली पुलिस एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड (DP ATS), मेदांता, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), सेंट्रलाइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS), ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS), एयरपोर्ट रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग (ARFF) और अन्य संबंधित एजेंसियां ​​शामिल थीं।
 
इस संयुक्त अभ्यास का मकसद एयरपोर्ट पर आतंकवाद-रोधी स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग एजेंसियों की तैयारी को परखना और असल संकट के समय असरदार तालमेल सुनिश्चित करना था। इस अभ्यास ने मज़बूत एविएशन सिक्योरिटी, एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और आपातकालीन स्थिति में बेहतर प्रतिक्रिया क्षमता के प्रति प्रतिबद्धता को फिर से पक्का किया। इससे पहले शुक्रवार को, राष्ट्रीय सुरक्षा ड्यूटी की भारी चुनौतियों और काम से जुड़े तनाव को दूर करने की ज़रूरत को समझते हुए, CISF ने 'इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज' (IHBAS) के साथ तीन साल का एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) साइन किया।
 
यह समझौता CISF कर्मियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य का एक व्यापक सिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसमें संसद भवन परिसर जैसी हाई-सिक्योरिटी वाली जगहों पर तैनाती के लिए खास साइकोमेट्रिक असेसमेंट भी शामिल हैं। IHBAS के साथ हुए इस नए MoU से CISF के बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य सिस्टम में एक खास क्लिनिकल और मनोरोग-संबंधी पहलू जुड़ गया है। इस सिस्टम में पहले से ही तनाव के संपूर्ण प्रबंधन के लिए 'हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट' (HFI) और 'प्रोजेक्ट मन' के तहत 'Mpower' (आदित्य बिड़ला एजुकेशन ट्रस्ट) के साथ सहयोग शामिल है, ताकि समय रहते मदद लेने को बढ़ावा दिया जा सके और कलंक (stigma) को खत्म किया जा सके।
 
MoU साइन होने के बाद, IHBAS बहुत संवेदनशील यूनिट्स में तैनात CISF कर्मियों के लिए खास साइकोमेट्रिक असेसमेंट करेगा, जिसमें खास तौर पर संसद भवन परिसर में तैनाती के लिए प्रस्तावित कर्मी भी शामिल होंगे। इस समझौते के तहत, मेडिकल अधिकारियों, सुपरवाइजरी अधिकारियों और सब-ऑफिसर्स को व्यवहार में शुरुआती बदलाव, गंभीर तनाव के लक्षण और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी इमरजेंसी स्थितियों की पहचान करने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी, ताकि समय रहते प्रोफेशनल मदद मिल सके।
CISF ने कहा कि जिन जवानों को खास मानसिक स्वास्थ्य देखभाल की ज़रूरत होगी, उन्हें IHBAS की OPD और IPD सुविधाओं के ज़रिए काउंसलिंग और इलाज की सीधी सुविधा मिलेगी, जिसमें शराब की लत से निपटने के लिए खास मदद भी शामिल है।
IHBAS 'ट्रेनिंग ऑफ़ ट्रेनर्स' (ToT) प्रोग्राम भी चलाएगा, जिससे CISF के मास्टर ट्रेनर्स सभी फील्ड यूनिट्स में मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता फैला सकेंगे। यह साझेदारी नेशनल टेली-मानस हेल्पलाइन (14416) के बारे में जागरूकता और उस तक तुरंत पहुँच को सक्रिय रूप से बढ़ावा देगी।