Jharkhand government held talks with various organisations amid anti-question paper leak protests, but deadlock persists
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भर्ती परीक्षाओं में कथित प्रश्नपत्र लीक को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच झारखंड सरकार ने शनिवार को विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों ने अपनी सभी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है।
सरकार की पांच सदस्यीय समिति, जिसमें तीन मंत्री शामिल थे, ने सबसे पहले झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारी गुट से मुलाकात की। इस मुद्दे को लेकर महतो के अनशन का शनिवार को सातवां दिन है।
इसके बाद समिति ने कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई, एसीएस और जेसीएम के प्रतिनिधिमंडलों से भी बातचीत की।
इससे पहले शुक्रवार रात को सरकार ने जेपीएससी/जेएसएससी रिफॉर्म मंच के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भी इसी तरह की वार्ता की थी।
सरकार की ओर से गठित समिति के सदस्य और राज्य मंत्री संजय प्रसाद यादव ने लगातार हुई बैठकों के बाद कहा, ‘‘ प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगें जायज हैं। हम इन मांगों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखेंगे।’’
सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की छात्र इकाई झारखंड छात्र मोर्चा (जेसीएम) ने सरकार के सामने पांच मांगें रखीं, जिनमें 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने की मांग भी शामिल है।
एनएसयूआई ने सरकार के समक्ष छह मांगें रखीं। संगठन के प्रवक्ता संजीव शाह ने बताया कि इनमें संदेह के घेरे में आई सभी जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं की 90 दिनों के भीतर सीआईडी जांच और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की तर्ज पर झारखंड परीक्षा एजेंसी (जेटीए) स्थापित करने की मांग शामिल है।
सरकार की समिति की पहली बैठक महतो गुट के जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थी मंच के साथ हुई, जो करीब दो घंटे तक चली।
मंच के एक नेता ने बैठक के बाद कहा, ‘‘सरकार ने हमारी ओर से उठाए गए मुद्दों के समाधान के लिए जल्द निर्णय लेने का आश्वासन दिया है। हालांकि, 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने समेत हमारी सभी मांगें पूरी होने तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा।’’
राज्य मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल में हुई और छात्रों की ओर से बताई गई भर्ती प्रक्रिया की विसंगतियों का जल्द समाधान किया जाएगा।