झारखंड: अस्पताल से सत्याग्रह स्थल लौटना चाहते हैं देवेंद्र महतो

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 13-08-2026
Jharkhand: Devendra Mahto wants to return to the Satyagraha site from the hospital.
Jharkhand: Devendra Mahto wants to return to the Satyagraha site from the hospital.

 

रांची।

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल से दोबारा सत्याग्रह स्थल लौटने की अनुमति मांगी है। वह पिछले 11 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई में घायल होने के बाद उन्हें रांची के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

महतो ने अस्पताल के सिविल सर्जन को लिखे आवेदन में कहा है कि अस्पताल के बिस्तर पर उनका शरीर भले ही उपचाराधीन है, लेकिन उनका मन और संकल्प जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर है, जहां हजारों छात्र और युवा अपने भविष्य और अधिकारों के लिए आंदोलन जारी रखे हुए हैं।

बोले- साथियों से दूर रहना ज्यादा पीड़ादायक

सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में महतो ने कहा कि अस्पताल में रहना उनके लिए मानसिक रूप से बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि उनका शरीर अस्पताल में इलाज करा रहा है, लेकिन उनकी आत्मा और संकल्प सत्याग्रह स्थल पर मौजूद है।

अपने आवेदन में उन्होंने लिखा कि 12 अगस्त 2026 को उनकी भूख हड़ताल का 11वां दिन था और न्याय मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि झारखंड के हजारों छात्र और युवा अपने भविष्य, अधिकार और न्याय के लिए आंदोलन में उनके साथ खड़े हैं।

महतो ने कहा कि यह आंदोलन उनके लिए सिर्फ एक राजनीतिक या छात्र आंदोलन नहीं, बल्कि उन विद्यार्थियों के विश्वास और उम्मीद के प्रति उनकी जिम्मेदारी है।

10 अगस्त को पुलिस कार्रवाई के बाद अस्पताल पहुंचे

महतो के अनुसार, 10 अगस्त को भूख हड़ताल के नौवें दिन विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस कार्रवाई और झड़प के बाद उन्हें एंबुलेंस से सदर अस्पताल लाया गया था। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।

उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को बताया कि सत्याग्रह स्थल पर छात्र, युवा और आम लोग दिन-रात न्याय की उम्मीद के साथ आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं। ऐसे में उनसे दूर रहना उनके लिए शारीरिक तकलीफ से ज्यादा मानसिक पीड़ा का कारण बन रहा है।

इसी आधार पर उन्होंने अस्पताल प्रशासन से सहानुभूतिपूर्वक उनकी स्थिति पर विचार करते हुए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम स्थित सत्याग्रह स्थल पर वापस जाने की अनुमति देने का अनुरोध किया है।

डॉक्टरों के निर्देशों का पालन करने का भरोसा

देवेंद्र महतो ने अस्पताल प्रशासन को भरोसा दिलाया है कि यदि उन्हें आंदोलन स्थल पर जाने की अनुमति दी जाती है तो वह डॉक्टरों की ओर से दिए गए सभी जरूरी निर्देशों और सावधानियों का सख्ती से पालन करेंगे।

उनकी यह अपील ऐसे समय सामने आई है, जब JPSC-JSSC परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है।

विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस ने किया था बल प्रयोग

10 अगस्त को झारखंड में JPSC और JSSC के अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर विधानसभा घेराव मार्च निकाला था। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया था। आंदोलनकारियों के मुताबिक, बड़ी संख्या में छात्र मार्च में शामिल हुए थे।

प्रदर्शनकारी छात्र JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की CBI जांच कराने और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि राज्य सरकार ने उनकी सभी मांगों को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया है।

देवेंद्र महतो का अस्पताल से सत्याग्रह स्थल लौटने का अनुरोध आंदोलन के प्रति उनके रुख को दर्शाता है। फिलहाल उनकी वापसी अस्पताल प्रशासन और चिकित्सा अधिकारियों की अनुमति पर निर्भर है।