भद्रवाह (जम्मू-कश्मीर)
भद्रवाह-पठानकोट अंतरराज्यीय मार्ग पर रविवार शाम गुलडंडा क्षेत्र में आए एक छोटे हिमस्खलन के कारण लगभग 40 वाहन फंस गए। हालांकि त्वरित कार्रवाई करते हुए Border Roads Organisation (BRO) ने मलबा हटाकर सड़क को कुछ ही घंटों में फिर से चालू कर दिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ।
भद्रवाह के कार्यकारी मजिस्ट्रेट कमलप्रीत सिंह ने बताया कि हिमस्खलन के चलते कुछ समय के लिए यातायात बाधित हुआ, लेकिन BRO की टीम मौके पर पहुंची और सड़क को शीघ्र ही यातायात योग्य बना दिया। प्रशासन ने एहतियातन एंबुलेंस, पुलिस बल और स्थानीय नागरिक संगठनों को भी मौके पर तैनात किया, ताकि किसी आपात स्थिति से निपटा जा सके। अधिकारियों ने फंसे यात्रियों को शांत रहने और घबराने से बचने की अपील की।
करीब दो से तीन घंटे तक वाहन सड़क पर रुके रहे। राजस्थान से आए एक पर्यटक ने बताया कि वे घूमने आए थे, लेकिन अचानक बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण असुविधा हुई। हालांकि सड़क खुलने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सड़क पर गंभीर क्षति नहीं हुई है और पर्यटन स्थल को बंद करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि प्रभावित हिस्सा छोटा था और उसे तुरंत साफ कर दिया गया।
इससे पहले भी BRO ने भारी बर्फबारी के बाद 10,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित चटरगला दर्रे पर राहत एवं सड़क बहाली अभियान चलाया था। भद्रवाह-चटरगला मार्ग पर संपर्क बाधित होने के बाद 35 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स की 118 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ‘प्रोजेक्ट संपर्क’ के तहत उच्च-ऊंचाई बचाव अभियान को अंजाम दिया।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी के चलते हिमस्खलन का खतरा बना रहता है, इसलिए प्रशासन और BRO की सतर्कता बेहद महत्वपूर्ण है। इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी आपदा प्रबंधन और सड़क बहाली के लिए BRO की भूमिका निर्णायक है।फिलहाल मार्ग सामान्य रूप से चालू है और यातायात सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।




