जयपुर में दिवाली पर सोने के सिक्कों जैसी ‘त्योहार अशर्फी’ की धूम!

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 05-11-2026
Jaipur sweet shop reimagines royal gold coins as Diwali delicacy 'Tyohar Asharfi'
Jaipur sweet shop reimagines royal gold coins as Diwali delicacy 'Tyohar Asharfi'

 

जयपुर (राजस्थान) 
 
दिवाली के करीब आते ही, जयपुर की एक खास मिठाई लोगों का ध्यान खींच रही है। यह मिठाई सोने के सिक्कों जैसी दिखती है और इसकी कीमत भी काफी ज्यादा है। 'त्योहार अशर्फी' नाम की इस मिठाई के एक पीस का वजन सिर्फ 9 ग्राम है और इसकी कीमत 1,111 रुपये है। इस हिसाब से, इसकी कीमत लगभग 1.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम बैठती है। पारंपरिक सोने के सिक्के के आकार में बनी यह मिठाई, राजा-महाराजाओं के जमाने की उस पुरानी परंपरा से प्रेरित है, जिसमें सम्मान या भेंट के तौर पर सोने के सिक्के—जिन्हें 'अशरफियां' कहा जाता था—दिए जाते थे।
 
जयपुर की इस मिठाई की दुकान की फाउंडर, अंजलि जैन ने बताया कि इस मिठाई को बनाने के पीछे का मकसद एक खास पकवान के जरिए उस शाही परंपरा को फिर से जीवित करना था। अंजलि जैन ने ANI को बताया, "राजा-महाराजाओं के समय में, सम्मान या भेंट के तौर पर सोने के सिक्के यानी 'अशरफियां' देने का चलन था। हमने इसी सोच को एक मिठाई का रूप दिया है, जो बिल्कुल सोने के सिक्के जैसी दिखती है। हमने इसका नाम 'त्योहार अशर्फी' रखा है।" इसकी कीमत और पैकेजिंग के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि हर पीस का वजन 9 ग्राम है और इसकी कीमत 1,111 रुपये रखी गई है। यह संख्या इसलिए चुनी गई क्योंकि इसे शुभ माना जाता है।
 
उन्होंने आगे कहा, "हर 'अशरफी' का वजन 9 ग्राम है और इसकी कीमत 1,111 रुपये है—यह संख्या शुभ मानी जाती है। हम इन्हें 9 पीस के एक बॉक्स में दे रहे हैं, जिसकी कीमत 9,999 रुपये है। अगर प्रति किलोग्राम की बात करें, तो इसकी कीमत 1,23,000 रुपये प्रति किलोग्राम है।" दिवाली के जश्न में मिठाइयों का खास महत्व होता है। लोग पारंपरिक रूप से अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और पड़ोसियों के साथ मिठाइयां और गिफ्ट हैंपर बांटते हैं। पारंपरिक लड्डू और बर्फी से लेकर आज के दौर की नई तरह की मिठाइयों तक, ये सब इस त्योहार का एक अहम हिस्सा हैं। 'त्योहार अशर्फी' इस पारंपरिक त्योहार में एक शाही अंदाज जोड़ती है। यह सोने के सिक्कों से जुड़ी समृद्धि और शुभता के प्रतीक को, दिवाली पर मिठाइयां बांटने की परंपरा के साथ जोड़ती है।