Jai Prakash Narayan Bird Sanctuary in Uttar Pradesh became India's 100th Ramsar site
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य को भारत का 100वां रामसर स्थल घोषित किया गया है।
रामसर स्थल एक आर्द्रभूमि स्थल है जिसे 1971 में एक पर्यावरण संधि के तहत अंतरराष्ट्रीय महत्व का घोषित किया गया था।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जहां तक रामसर स्थल का सवाल है, एक सदी! यह जानकर प्रसन्नता हुई कि उत्तर प्रदेश के बलिया स्थित जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल) को भारत का 100वां रामसर स्थल घोषित किया गया है। यह आर्द्रभूमि पक्षी विविधता से समृद्ध है और कई प्रवासी एवं स्थानीय पक्षियों को आकर्षित करती है।’’
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक परिवेश और विशेष रूप से आर्द्रभूमि की रक्षा के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता इस उपलब्धि में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है।
मोदी ने कहा, ‘‘पिछले कई वर्षों से की जा रही सामुदायिक भागीदारी, विज्ञान, नवाचार और सक्रिय जागरूकता पहल के माध्यम से आर्द्रभूमि के संरक्षण और पुनरुद्धार के प्रयासों को अत्यधिक मजबूती मिली है। ये प्रयास जैव विविधता को संरक्षित करने, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक हरित भविष्य का निर्माण करने में सहायक हैं।’’
लखनऊ में जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश का 13वां रामसर स्थल है। इस अभयारण्य को सुरहा ताल के नाम से भी जाना जाता है।
बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश के वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना ने पर्यावरण दिवस के मौके पर एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इससे संबंधित प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया।
भारत, ईरान के रामसर में 1971 में हस्ताक्षरित ‘कन्वेंशन ऑफ वेटलैंड्स’ (रामसर कन्वेंशन के नाम से जाना जाता है) के अनुबंधित पक्षों में से एक है। भारत ने एक फरवरी, 1982 को इस संधि पर हस्ताक्षर किये थे।