अमरावती (आंध्र प्रदेश)
YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष YS जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और राज्य के मंत्री नारा लोकेश, DSC भर्ती प्रक्रिया के बारे में विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि DSC परीक्षा के पेपर तैयार करने और उनकी देखरेख का काम एक ही व्यक्ति को क्यों सौंपा गया, और सरकार ने GO नंबर 4 और GO नंबर 47 क्यों जारी किए। उन्होंने यह भी पूछा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद GO क्यों बदले गए। जगन ने आरोप लगाया कि DSC भर्ती में एक के बाद एक गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने चंद्रबाबू नायडू के घोटालों के इतिहास में DSC को एक "खास घोटाला" (gem) बताया।
उन्होंने सवाल किया कि बिना परीक्षा कराए स्पोर्ट्स कोटे के तहत 372 पद कैसे भरे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि GO नंबर 4 और GO नंबर 47 ने गड़बड़ियों के लिए रास्ते खोल दिए, जबकि काम पूरा होने के बाद उन रास्तों को बंद करने के लिए बाद में GO नंबर 23, 25 और 56 लाए गए। जगन ने आगे आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर DSC घोटाले की जांच को कमजोर कर रही है और चंद्रबाबू नायडू पर अपने बेटे को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगार युवाओं की जिंदगी और भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
इससे पहले मंगलवार को, YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के तुरंत इस्तीफे और DSC 2025 शिक्षक भर्ती में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष CBI जांच की मांग की थी। अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता कोंडा राजीव गांधी और पूर्व सांसद मार्गनी भरत ने कहा कि लोकेश को पद छोड़ देना चाहिए ताकि किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ हो सके।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिनमें नकली BC और स्पोर्ट्स-कोटा सर्टिफिकेट का कथित इस्तेमाल भी शामिल है। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही परिवार के सदस्यों ने भी सिर्फ़ भागीदारी सर्टिफिकेट (participation certificates) का इस्तेमाल करके नौकरी हासिल कर ली।
नेताओं ने कहा कि मेगा DSC एक "जॉब मेला" बन गया था, जहां कथित तौर पर शिक्षकों के पद बिक्री के लिए रखे गए थे। उन्होंने कहा कि इन आरोपों को साबित करने के लिए ठोस सबूत मिले हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू पर लोकेश को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि जब YS जगन मोहन रेड्डी पर आरोप लगे थे, तब पूर्व मुख्यमंत्री YS राजशेखर रेड्डी ने CBI जांच के लिए सहमति जताई थी।
नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि गठबंधन सरकार सोशल-मीडिया एक्टिविस्ट, बेरोजगार युवाओं और पत्रकारों पर केस दर्ज करके DSC में हुई गड़बड़ियों पर सवाल उठाने वालों की आवाज़ दबा रही है। उन्होंने सवाल किया कि जिन लोगों ने कथित तौर पर नकली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके नौकरी हासिल की, उनके खिलाफ केस क्यों दर्ज नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनिवार्य टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) परीक्षा पास किए बिना उम्मीदवारों की नियुक्ति से DSC प्रक्रिया के संचालन का तरीका उजागर हो गया है। उन्होंने फिर से कहा कि केवल CBI जांच ही, न कि विजिलेंस जांच, पूरी सच्चाई का पता लगा सकती है।