J-K: गुरेज़ में LoC पर अलर्ट

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 07-05-2026
J-K: LoC on alert in Gurez as security intensifies on Operation Sindoor anniversary
J-K: LoC on alert in Gurez as security intensifies on Operation Sindoor anniversary

 

बांदीपोरा (जम्मू और कश्मीर) 
 
आज उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा ज़िले के गुरेज़ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (LoC) के पास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सुरक्षा बल इस संवेदनशील सीमावर्ती इलाके में निगरानी और तैनाती बढ़ा रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि देश "ऑपरेशन सिंदूर" की पहली वर्षगांठ मना रहा है। यह भारतीय सैन्य अभियान पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 2025 में 26 लोगों की जान चली गई थी।
 
अधिकारियों ने बताया कि सेना ने इस सेक्टर में निगरानी तेज़ कर दी है। इसके लिए नाइट-विज़न डिवाइस और हाई-एंड ऑप्टिकल सिस्टम जैसे आधुनिक निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है। LoC के पास किसी भी घुसपैठ की कोशिश को रोकने और गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए दिन और रात, दोनों समय गश्त भी बढ़ा दी गई है।
आगे के इलाकों की ओर जाने वाले मुख्य रास्तों पर अतिरिक्त चौकियां बनाई गई हैं। इन चौकियों पर सुरक्षाकर्मी वाहनों की जांच कर रहे हैं और सीमावर्ती गांवों की ओर जाने वाले यात्रियों की पहचान की पुष्टि कर रहे हैं।
 
सूत्रों ने बताया कि यह बढ़ी हुई सतर्कता "ऑपरेशन सिंदूर" की वर्षगांठ से जुड़े एहतियाती उपायों का हिस्सा है। इसका मकसद सीमा के संवेदनशील हिस्सों में कड़ी निगरानी और ऑपरेशनल तैयारी बनाए रखना है। सुरक्षा बलों को निर्देश दिया गया है कि वे इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी संवेदनशील क्षेत्रों की बारीकी से निगरानी सुनिश्चित करें।
 
अधिकारियों ने आगे बताया कि कई आगे के स्थानों पर निगरानी ग्रिड का विस्तार किया गया है, जिसमें ज़मीनी गश्त और निगरानी चौकियों की संख्या बढ़ाई गई है। LoC के पास त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय भी बढ़ाया गया है। सीमावर्ती गांवों के निवासियों ने इस बढ़ी हुई तैनाती का स्वागत किया है। उनका कहना है कि सुरक्षा बलों की स्पष्ट मौजूदगी से इलाके में उनकी सुरक्षा और भरोसे की भावना बढ़ी है।
 
अधिकारियों ने ज़ोर देकर कहा कि ये उपाय एहतियाती प्रकृति के हैं और इनका मकसद LoC के पास स्थिरता, सुरक्षा और तत्परता सुनिश्चित करना है। "ऑपरेशन सिंदूर" 7 मई, 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में, भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (PoJK) में मौजूद आतंकी लॉन्चपैड पर हमले किए थे।
 
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना ने लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज़्बुल मुजाहिदीन से जुड़े नौ बड़े आतंकी लॉन्चपैड को नष्ट कर दिया था, जिसमें 100 से ज़्यादा आतंकवादी मारे गए थे। पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों और गोलाबारी के साथ इसका जवाब दिया, जिससे दोनों देशों के बीच चार दिनों तक सैन्य टकराव चला। भारत ने लाहौर में रडार ठिकानों और गुजरांवाला के निकट स्थित सुविधाओं को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की।
 
पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशंस के महानिदेशक द्वारा भारतीय DGMO से संपर्क किए जाने के बाद शत्रुता समाप्त हो गई, जिसके परिणामस्वरूप 10 मई, 2025 को युद्धविराम समझौता संपन्न हुआ।