चेन्नई
Indian Union Muslim League के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर K M Kader Mohideen ने तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री Joseph Vijay को पद संभालने पर बधाई दी है। उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उम्मीद जताई कि नई सरकार राज्य में लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को मजबूत करेगी तथा जनता के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी।
प्रोफेसर कादर मोहिद्दीन ने कहा कि उनकी पार्टी ने तमिलनाडु में शिक्षा, उद्योग, कृषि और अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में पूर्व सरकार द्वारा किए गए कार्यों को ध्यान में रखते हुए जनता से समर्थन मांगा था। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी के दो विधायक भी निर्वाचित हुए हैं। हालांकि जनता ने किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं दिया, लेकिन राज्य में राष्ट्रपति शासन की स्थिति पैदा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए उनकी पार्टी ने नई सरकार के गठन के लिए बिना किसी शर्त समर्थन देने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का जनादेश सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसी भावना के तहत पार्टी की आपातकालीन उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सरकार गठन का समर्थन करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि M K Stalin ने राज्यपाल से नई सरकार के गठन में अनावश्यक देरी न करने की अपील कर राजनीतिक परिपक्वता और जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया।
आईयूएमएल अध्यक्ष ने कहा कि डीएमके गठबंधन में शामिल दो कम्युनिस्ट पार्टियों, वीसीके और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने मिलकर बिना किसी शर्त नई सरकार को समर्थन दिया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी सिद्धांतों के स्तर पर डीएमके के नेतृत्व वाले धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गठबंधन के साथ बनी रहेगी।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल द्वारा जोसेफ विजय को सरकार गठन के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद नई सरकार अस्तित्व में आई। मुख्यमंत्री के रूप में अपने पहले संबोधन में विजय ने कहा था कि सरकार को विरासत में भारी कर्ज मिला है और राज्य की आर्थिक स्थिति गंभीर है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रोफेसर कादर मोहिद्दीन ने कहा कि किसी भी सरकार को राज्य की वास्तविक आर्थिक और प्रशासनिक स्थिति को समझने के बाद ही सार्वजनिक बयान देने चाहिए।
उन्होंने कहा कि शासन चलाने के लिए कई बार ऋण लेना सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा होता है और किसी भी बड़े निर्णय से पहले वरिष्ठ अधिकारियों के साथ गहन अध्ययन आवश्यक होता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार भविष्य में ऐसे बयान देने से पहले राज्य के वित्तीय और प्रशासनिक हालात का पूरा आकलन करेगी।
आईयूएमएल प्रमुख ने कहा कि तमिलनाडु की जनता एक ऐसी सरकार चाहती है जो स्वस्थ राजनीति को बढ़ावा दे, प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखे और केवल जनता के कल्याण को अपना उद्देश्य बनाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में धार्मिक घृणा या सांप्रदायिक राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
उन्होंने नई सरकार से आग्रह किया कि पिछली सरकार द्वारा लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को जारी रखा जाए और राज्य के विकास, सामाजिक सौहार्द तथा आर्थिक प्रगति को प्राथमिकता दी जाए।