अगर पाकिस्तानी खिलाड़ी द हंड्रेड का हिस्सा नहीं बनते तो यह शर्मनाक होगा: ब्रूक

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 21-02-2026
It would be a shame if Pakistani players don't make it to The Hundred: Brook
It would be a shame if Pakistani players don't make it to The Hundred: Brook

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
इंग्लैंड की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान हैरी ब्रूक ने शनिवार को यहां कहा कि अगर पाकिस्तानी क्रिकेटरों को ‘द हंड्रेड’ से बाहर रखा जाता है तो यह ‘शर्मनाक’ होगा।
 
कुछ रिपोर्ट के अनुसार ‘द हंड्रेड’ में भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी मैनचेस्टर सुपर जायंट्स, एमआई लंदन, सदर्न ब्रेव और सनराइजर्स लीड्स भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव के कारण भारत में संभावित राजनीतिक प्रतिक्रिया की आशंकाओं के चलते नीलामी में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने से परहेज कर सकती हैं।
 
भारतीय स्वामित्व वाली सनराइजर्स लीड्स से अनुबंध हासिल करने वाले ब्रूक ने श्रीलंका के खिलाफ टी20 विश्व कप के सुपर आठ मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘अभी हमारा मुख्य ध्यान टी20 विश्व कप पर है। ईमानदारी से कहूं तो इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास का महत्वपूर्ण देश रहा है। मुझे लगता है कि नीलामी में उसके लगभग 50-60 खिलाड़ी होंगे और उनमें से कुछ को वहां न देखना शर्मनाक होगा।’’
 
‘द हंड्रेड’ की लंदन में होने वाली नीलामी के लिए पाकिस्तान के 67 पुरुष और महिला क्रिकेटरों ने पंजीकरण कराया है, जिनमें पुरुष टी20 विश्व कप में खेल रहे उसके लगभग सभी खिलाड़ी शामिल हैं।
 
मोहम्मद आमिर, शाहीन शाह अफरीदी, शादाब खान और हारिस रऊफ सहित कई पाकिस्तानी खिलाड़ी पहले ‘द हंड्रेड’ में खेल चुके हैं।
 
पाकिस्तान का कोई भी खिलाड़ी नवंबर 2008 के आतंकी हमले के बाद इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में नहीं खेला है। एसए20 के 2023 में शुरू होने के बाद कोई भी पाकिस्तानी क्रिकेटर उसका हिस्सा नहीं रहा। इस टूर्नामेंट की सभी छह फ्रेंचाइजी का स्वामित्व भारतीयों के पास है।
 
इसी तरह से यूएई के आईएलटी20 में एमआई लंदन और सदर्न ब्रेव के मालिकों के स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी ने चार सत्र में एक भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को अनुबंधित नहीं किया है।
 
ब्रूक ने कहा, ‘‘उनके पास कुछ बेहतरीन क्रिकेटर हैं और वे बड़ी संख्या में दर्शकों को भी आकर्षित करते हैं। इसलिए पाकिस्तान के कुछ खिलाड़ियों को वहां न देखना शर्म की बात होगी, क्योंकि उनकी मौजूदगी से प्रतियोगिता और भी बेहतर हो जाएगी।’’