आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विशाखापत्तनम से 700 समुद्री मील की चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा पूरी कर पहुंचे भारतीय नौसेना के पोत ‘नीलकंठ’ का मंगलवार को श्री विजय पुरम में भव्य स्वागत किया गया।
पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) के रक्षा प्रभाग की ओर से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार यह यात्रा 27 सितंबर, 2026 को शुरू हुई थी और अंडमान एवं निकोबार कमान (एएनसी) के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोहों का हिस्सा थी। एएनसी भारत की पहली और एकमात्र संयुक्त सेवा संचालन कमान है।
विज्ञप्ति में कहा गया कि यह अभियान एएनसी के ‘‘संयुक्तता, समन्वय और पूर्वी समुद्री तट के प्रहरी’’ के मूल भाव को दर्शाता है। यह हिंद महासागर क्षेत्र के चुनौतीपूर्ण परिचालन वातावरण में पेशेवर समुद्री कौशल, धैर्य और समुद्री दक्षता के स्थायी महत्व को भी रेखांकित करता है।
नौकायन समुद्री कौशल का एक चुनौतीपूर्ण रूप है, जिसमें साहस, धैर्य, परिस्थितियों के प्रति सजगता और समुद्र के प्रति गहरे सम्मान की आवश्यकता होती है।
भारतीय नौसेना नौकायन पोत (आईएनएसवी) नीलकंठ का अभियान पेशेवर समुद्री कौशल और समुद्री दक्षता को बढ़ाने के लिए रोमांच की भावना का उपयोग करने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को फिर से पुष्ट करता है।
भारतीय नौसेना के नौकायन पोत (आईएनएसवी) नीलकंठ का यह अभियान पेशेवर नौकायन और समुद्री कौशल को बढ़ाने के लिए साहसिक गतिविधियों की भावना को अपनाने की भारतीय नौसेना की प्रतिबद्धता को दोहराता है।
फ्लैग पॉइंट के पास आईएनएसवी नीलकंठ के आगमन पर समुद्र में एक औपचारिक ‘फ्लैग इन’ समारोह आयोजित किया गया जिसका नेतृत्व अंडमान और निकोबार कमान (सीआईएनसीएएन) के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल विनीत मैककार्टी ने किया, जो इस अवसर के लिए जे-24 नौका पर सवार हुए थे।