आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
वैश्विक स्तर पर आर्थिक परिदृश्य सुस्त रहने के बावजूद भारतीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अपने देश की अर्थव्यवस्था और अपनी कंपनियों की आय वृद्धि को लेकर अपने वैश्विक समकक्षों की तुलना में कहीं अधिक आशावादी हैं। मंगलवार को जारी एक सर्वेक्षण रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई।
विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वार्षिक बैठक के दौरान पीडब्ल्यूसी की वार्षिक सीईओ सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की गई। यह सर्वेक्षण करीब 4,454 प्रतिभागियों के विचारों पर आधारित है जिनमें भारत से भी लगभग 50 सीईओ शामिल हैं।
इस सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक सीईओ में जहां केवल आधे से कुछ अधिक ही आर्थिक वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं भारत इस मामले में एक स्पष्ट अपवाद के रूप में उभरा है।
सर्वे में शामिल 77 प्रतिशत भारतीय सीईओ ने घरेलू अर्थव्यवस्था में मजबूत वृद्धि की संभावना जताई है जबकि 57 प्रतिशत ने निकट अवधि में कंपनी की आय बढ़ने को लेकर उच्च भरोसा जताया। यह अनुपात वैश्विक औसत का लगभग दोगुना है।
सर्वेक्षण में यह भी कहा गया कि भारत वैश्विक निवेश मानचित्र पर तेजी से ऊपर आया है। संभावित निवेश गंतव्य के रूप में भारत अब अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर पहुंच गया है जबकि पिछले वर्ष यह सूची में पांचवें स्थान पर था।
रिपोर्ट के मुताबिक, जहां 46 प्रतिशत वैश्विक सीईओ किसी भी नए निवेश की योजना नहीं बना रहे हैं, वहीं सीमापार निवेश की योजना रखने वालों में 35 प्रतिशत अमेरिका, जबकि 13-13 प्रतिशत भारत, जर्मनी और ब्रिटेन में निवेश करना चाहते हैं।
भारतीय सीईओ की नजर में प्रमुख निवेश गंतव्य के रूप में अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ब्रिटेन हैं।