The Valley is incomplete without Kashmiri Pandits, people are waiting for their return: Mehbooba Mufti
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को कहा कि कश्मीरी पंडितों के बिना कश्मीर अधूरा है और घाटी के लोग बेसब्री से उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी सुझाव दिया कि कश्मीरी पंडितों के लिए विधानसभा की दो सीटें आरक्षित करना बेहतर होगा।
महबूबा ने गांधी नगर स्थित पीडीपी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, ‘‘कश्मीरी पंडितों को अपना फैसला खुद लेना होगा। हम उनकी वापसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि उनके बिना घाटी अधूरी है।’’
वह कश्मीरी पंडितों के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रही थीं जिनके घाटी से पलायन के 36 साल 19 जनवरी को पूरे हो गए और अपनी वापसी व पुनर्वास के लिए पिछले दो दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
पीडीपी प्रमुख ने कहा कि उन्होंने हाल में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की और उन्हें बताया कि विधानसभा में समुदाय के दो सदस्यों को मनोनीत करने के बजाय वे सीटें उनके लिए आरक्षित की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें आने दीजिए, चुनाव लड़ने दीजिए। वे वोट मांगेंगे और मुसलमान उन्हें वोट देंगे। इसी तरह समुदाय एकजुट होंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे हमारे भाई हैं, और हम चाहते हैं कि वे सम्मान के साथ लौटें और हमारे साथ मिलकर रहें ताकि कश्मीर पूर्ण हो सके।’’
मुफ्ती ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी का एकमात्र एजेंडा संवाद और विकास के माध्यम से जम्मू कश्मीर में शांति और समृद्धि की बहाली और इसके क्षेत्रों की एकता है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने पीर पंजाल और चिनाब घाटी को संभागीय दर्जा देने के उनके प्रस्ताव को डिक्सन योजना से जोड़ने के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) और भाजपा की आलोचना की।