आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने शुक्रवार को कहा कि उभरते अवसरों, विशेष रूप से प्रौद्योगिकी क्षेत्र का लाभ उठाने के लिए भारत और अमेरिका के बीच की साझेदारी से बेहतर स्थिति में कोई अन्य साझेदारी नहीं है।
गोर ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि अमेरिका निर्यात नियंत्रण से जुड़ी अपनी नीति में बदलाव कर रहा है और इससे उच्च-प्रौद्योगिकी क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संबंधों को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत की क्षमता को पहचानता है और दोनों देशों के बीच का संबंध 21वीं सदी की ‘‘निर्णायक साझेदारी’’ है।
गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया में है तथा अगले कुछ हफ्तों और महीनों में इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘दोनों देशों के बीच संबंधों को एक अधिक सहज आर्थिक साझेदारी में बदलने का अवसर मौजूद है।’’
गोर ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंधों को आगे ले जाने की असीमित संभावनाएं मौजूद हैं।
राजदूत ने यह भी कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया भारत यात्रा सार्थक रही।