मार्च में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि चार साल के निचले स्तर पर: पीएमआई

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 02-04-2026
India's manufacturing sector growth in March fell to a four-year low: PMI
India's manufacturing sector growth in March fell to a four-year low: PMI

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
लागत के दबाव, कड़ी प्रतिस्पर्धा, बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच मार्च में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि चार साल के निचले स्तर पर आ गई। एक मासिक रिपोर्ट में बृहस्पतिवार को कहा गया कि इस दौरान नए ऑर्डर और उत्पादन में मामूली वृद्धि हुई।
 
मौसमी रूप से समायोजित एचएसबीसी इंडिया विनिर्माण खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) फरवरी के 56.9 से गिरकर मार्च में 53.9 पर आ गया। यह लगभग चार साल में समग्र व्यावसायिक स्थितियों में सबसे कमजोर सुधार का संकेत है। पीएमआई की शब्दावली में 50 से ऊपर के अंक का अर्थ विस्तार है, जबकि 50 से नीचे का अंक गिरावट को दर्शाता है।
 
एचएसबीसी की मुख्य भारतीय अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा, ‘‘भारत का विनिर्माण पीएमआई फरवरी के 56.9 से घटकर मार्च में 53.9 पर आ गया, जो जून, 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है। पश्चिम एशिया के संघर्ष से जुड़े व्यवधान वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे हैं और भारतीय विनिर्माताओं पर दबाव डाल रहे हैं।’’
 
सर्वेक्षण में कहा गया कि पीएमआई के दो सबसे बड़े उप-घटक - नए ऑर्डर और उत्पादन - 2022 के मध्य के बाद से सबसे धीमी गति से बढ़े हैं। चुनौतीपूर्ण बाजार स्थितियों, लागत के दबाव और पश्चिम एशिया में युद्ध ने इस वृद्धि को सीमित कर दिया है।
 
भंडारी ने कहा, ‘‘उत्पादन और नए ऑर्डर स्पष्ट रूप से धीमे हुए हैं, जो कमजोर मांग और अधिक अनिश्चितता का संकेत देते हैं। इस बीच एल्युमीनियम, रसायन और ईंधन सहित वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला में तेजी बढ़ी है। फिलहाल, कंपनियां इस वृद्धि का अधिकांश हिस्सा खुद वहन कर रही हैं और उत्पादन की कीमतों को अपेक्षाकृत नियंत्रित रख रही हैं।’’
 
कंपनियों को लागत के दबाव का सामना करना पड़ा, जो अगस्त, 2022 के बाद सबसे तेज था। सर्वेक्षण के अनुसार, ग्राहकों को बनाए रखने और कुछ कंपनियों द्वारा नए ग्राहक बनाने के प्रयासों के कारण कीमतों का बोझ उन पर बहुत कम डाला गया।