समीर रिज्वी ने आईपीएल में ऐसा क्या किया कि हो गए वायरल

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 02-04-2026
What did daily-wage laborer Sameer Rizvi do in the IPL that made him go viral?
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मलिक असगर हाशमी / नई दिल्ली

आईपीएल 2026 का बिगुल बज चुका है। मैदान पर बड़े-बड़े सितारे अपनी चमक बिखेर रहे हैं। लेकिन इन सबके बीच एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। वह नाम है मेरठ के लाल समीर रिज्वी का। लखनऊ के एकाना स्टेडियम में बुधवार की रात कुछ ऐसा हुआ जिसे क्रिकेट प्रेमी लंबे समय तक याद रखेंगे। दिल्ली कैपिटल्स और लखनऊ सुपर जायंट्स के बीच मुकाबला चल रहा था। एक समय ऐसा था जब दिल्ली की टीम पूरी तरह हार की कगार पर खड़ी थी। लेकिन फिर मैदान पर समीर रिज्वी का तूफान आया। उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से न सिर्फ मैच का पासा पलटा बल्कि दुनिया को अपनी ताकत का एहसास भी कराया।

एकाना स्टेडियम में रिज्वी का धमाल

लखनऊ सुपर जायंट्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 141 रन बनाए। दिल्ली कैपिटल्स के लिए यह लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था। लेकिन शुरुआत बेहद खराब रही। दिल्ली ने महज 26 रन पर अपने 4 बड़े विकेट गंवा दिए थे। कप्तान अक्षर पटेल और केएल राहुल शून्य पर आउट होकर पवेलियन लौट चुके थे।

स्टेडियम में सन्नाटा पसर गया था। दिल्ली के फैंस की उम्मीदें टूटने लगी थीं। ऐसे नाजुक वक्त में समीर रिज्वी क्रीज पर आए। उनके साथ थे ट्रिस्टन स्टब्स। इन दोनों युवा खिलाड़ियों ने जो किया वह किसी करिश्मे से कम नहीं था। रिज्वी ने 47 गेंदों में नाबाद 70 रनों की पारी खेली।

उन्होंने अपनी पारी में संयम और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाया। स्टब्स ने भी 39 रन बनाकर उनका बखूबी साथ दिया। दोनों के बीच 119 रनों की अटूट साझेदारी हुई। दिल्ली ने 17 गेंद पहले ही यह मैच जीत लिया।

कौन हैं समीर रिज्वी और क्या है उनका बैकग्राउंड

समीर रिज्वी उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 6 दिसंबर 2003 को हुआ था। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। इसके साथ ही वह ऑफ ब्रेक गेंदबाजी भी करते हैं। समीर को घरेलू क्रिकेट में छक्के लगाने की मशीन कहा जाता है।

उत्तर प्रदेश की टी20 लीग में उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से काफी सुर्खियां बटोरी थीं। वह मैदान के चारों तरफ शॉट लगाने में माहिर हैं। उनकी खेलने की शैली पूर्व क्रिकेटर सुरेश रैना से काफी मिलती है। इसी वजह से सोशल मीडिया पर उन्हें दाएं हाथ का सुरेश रैना भी कहा जाता है। समीर ने 16 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के लिए रणजी डेब्यू किया था।

पिता की बीमारी और करियर का सबसे कठिन दौर

समीर रिज्वी की सफलता के पीछे संघर्षों की एक लंबी कहानी है। साल 2020 में उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके पिता को ब्रेन हेमरेज हो गया। पिता घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। पिता की तबीयत बिगड़ने के बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब होने लगी।

समीर उस समय बहुत छोटे थे। उन्हें क्रिकेट और परिवार में से किसी एक को चुनना था। एक समय ऐसा आया जब उन्होंने क्रिकेट छोड़कर काम धंधा शुरू करने का मन बना लिया था। वह घर चलाने के लिए जिम्मेदारी उठाने को तैयार थे। लेकिन उनके मामा तनकीब अख्तर ने उन्हें रुकने नहीं दिया। मामा ने ही समीर को 6 साल की उम्र से कोचिंग दी थी। उन्होंने समीर को समझाया कि क्रिकेट ही उनकी और उनके परिवार की किस्मत बदल सकता है। समीर ने फिर से बल्ला थामा और जी जान लगा दी। आज उनकी सफलता ने उनके पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है।
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आईपीएल का उतार चढ़ाव भरा सफर

समीर रिज्वी पहली बार चर्चा में तब आए जब 2024 की नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये में खरीदा। वह उस सीज़न के सबसे महंगे अनकैप्ड खिलाड़ी बने थे। उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर राशिद खान जैसे दिग्गज गेंदबाज को छक्का जड़ा था।

लेकिन उस सीजन के बाकी मैचों में वह अपनी चमक नहीं बिखेर पाए। 8 पारियों में वह सिर्फ 51 रन ही बना सके। इसके बाद चेन्नई ने उन्हें टीम से रिलीज कर दिया। किसी भी खिलाड़ी के लिए यह बड़ा झटका होता है। लेकिन समीर ने हार नहीं मानी। 2025 में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 95 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। दिल्ली के लिए खेलते हुए उन्होंने पिछले साल पंजाब किंग्स के खिलाफ 25 गेंदों में 58 रन ठोक दिए थे। उनकी इसी प्रतिभा को देखते हुए दिल्ली ने उन्हें 2026 के लिए रिटेन किया।
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घरेलू क्रिकेट में बनाए अविश्वसनीय रिकॉर्ड

समीर रिज्वी का घरेलू क्रिकेट रिकॉर्ड किसी भी गेंदबाज को डराने के लिए काफी है। उन्होंने अंडर-23 स्टेट ए ट्रॉफी में इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक जड़ा था। उन्होंने मात्र 97 गेंदों में 201 रन बना डाले थे। उस पारी में उन्होंने 20 छक्के लगाए थे।

यूपी टी20 लीग में भी उनका बल्ला खूब बोला। उन्होंने 47 गेंदों में शतक लगाकर सनसनी मचा दी थी। पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने सबसे ज्यादा 36 छक्के जड़े थे। विजय हजारे ट्रॉफी में भी उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। उनकी इसी आक्रामक बल्लेबाजी की वजह से वह आज आईपीएल के सबसे भरोसेमंद फिनिशर बनकर उभर रहे हैं।

सुरेश रैना से खास कनेक्शन

समीर रिज्वी के जीवन में सुरेश रैना की एक अहम भूमिका रही है। जब समीर सिर्फ आठ साल के थे तब उन्होंने एक रणजी मैच के दौरान फील्डिंग की थी। उनकी फुर्ती देखकर सुरेश रैना हैरान रह गए थे। रैना ने खुश होकर समीर को अपना चश्मा तोहफे में दिया था। वह चश्मा आज भी समीर के पास एक मेडल की तरह सुरक्षित है। रैना ने बचपन में ही पहचान लिया था कि इस लड़के में कुछ खास है। आज जब समीर मैदान पर स्पिनरों के खिलाफ कदम निकालकर छक्के लगाते हैं तो फैंस को रैना की याद आ जाती है।
 

धोनी से सीखा मैच खत्म करने का हुनर

चेन्नई सुपर किंग्स में रहने के दौरान समीर को महेंद्र सिंह धोनी के साथ वक्त बिताने का मौका मिला। समीर बताते हैं कि धोनी ने उन्हें सिखाया कि दबाव में शांत कैसे रहा जाता है। उन्होंने धोनी से सीखा कि मैच को आखिरी ओवर तक कैसे ले जाना है। एकाना स्टेडियम में लखनऊ के खिलाफ उनकी पारी में यह साफ नजर आया। जब दिल्ली के शुरुआती विकेट गिरे तो वह घबराए नहीं। उन्होंने पहले स्टब्स के साथ मिलकर पारी को बुना। जब वह सेट हो गए तो उन्होंने बड़े शॉट खेलना शुरू किया। रिज्वी अब धोनी के दिखाए रास्ते पर चलकर एक महान फिनिशर बनना चाहते हैं।

मेरठ से दिल्ली तक का सफर

मेरठ की गलियों से निकलकर दिल्ली कैपिटल्स का स्टार बनने तक का सफर प्रेरणादायक है। समीर ने साबित कर दिया कि अगर आपके अंदर जज्बा है तो कोई भी मुश्किल आपको रोक नहीं सकती। गांधीबाग एकेडमी में पसीना बहाने वाले इस लड़के ने आज करोड़ों फैंस का दिल जीत लिया है। समीर का लक्ष्य अब टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनना है। उनके मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह दिन ज्यादा दूर नहीं लगता। मेरठ की जनता अपने इस लाडले की कामयाबी पर जश्न मना रही है।

समीर रिज्वी की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो मुश्किलों के आगे घुटने टेक देते हैं। पिता की बीमारी और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपने सपने को जिंदा रखा। आईपीएल 2026 में उनकी यह पारी तो बस शुरुआत है।

आने वाले मैचों में हमें रिज्वी के बल्ले से और भी बड़े धमाके देखने को मिल सकते हैं। दिल्ली कैपिटल्स को एक ऐसा मैच विनर मिल गया है जो किसी भी परिस्थिति से टीम को बाहर निकाल सकता है। क्रिकेट की दुनिया में समीर रिज्वी का सितारा अब पूरी तरह चमकने के लिए तैयार है। भारतीय क्रिकेट के भविष्य के लिए यह एक बहुत ही शुभ संकेत है।