आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
विनिर्माण और खनन क्षेत्र के कमजोर प्रदर्शन के कारण सितंबर में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर मासिक आधार पर घटकर 6.7 प्रतिशत रह गई।
नयी श्रृंखला के तहत अगस्त में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में आठ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।
यह नयी श्रृंखला एक अप्रैल से लागू हुई थी। इसका आधार वर्ष 2022-23 है।
बुधवार को जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, ‘‘सितंबर, 2026 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में सालाना आधार पर 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसमें विनिर्माण क्षेत्र की 7.6 प्रतिशत की वृद्धि और बिजली एवं गैस आपूर्ति क्षेत्र की 11.2 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का योगदान रहा।’’
विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर अगस्त में 8.6 प्रतिशत रही थी।