India's environmental protection campaign has suffered a major setback: Kharge on Madhav Gadgil's demise
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
कांग्रेस नेताओं ने प्रख्यात पारिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल के निधन पर बृहस्पतिवार को शोक व्यक्त किया और पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत ने पारिस्थितिकी अनुसंधान में अपनी अग्रणी आवाजों में से एक को खो दिया है
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि गाडगिल का निधन देश के हरित अभियान के लिए एक बड़ा झटका है।
खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ डॉ. माधव गाडगिल के निधन से भारत ने पारिस्थितिकी अनुसंधान में अपनी अग्रणी आवाजों में से एक को खो दिया है। उनके नेतृत्व ने वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षात्मक कार्रवाई में बदलने में मदद की, विशेष रूप से पश्चिमी घाट में महत्वपूर्ण संरक्षण प्रयासों और सामुदायिक अधिकारों के साथ निर्णायक जुड़ाव के माध्यम से।’’
खरगे ने कहा, ‘‘ उनके परिवार, मित्रों और वैज्ञानिक समुदाय के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’’
कांग्रेस महासचिव और पूर्व पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने गाडगिल के निधन पर शोक व्यक्त किया।
रमेश ने ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट में कहा, "आधुनिक विज्ञान के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षित होने के साथ-साथ वह पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों विशेष रूप से जैव विविधता संरक्षण - के प्रबल समर्थक भी थे।’’
रमेश ने कहा, ‘‘ 80 के दशक के मध्य में बस्तर के जंगलों को बचाने की दिशा में उठाए गए उनके कदम अहम थे। उन्होंने भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण और भारतीय प्राणी सर्वेक्षण को एक नई दिशा दी। 2009-2011 के दौरान, उन्होंने पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल की अध्यक्षता की और इसकी रिपोर्ट को अत्यंत संवेदनशील और लोकतांत्रिक तरीके से लिखा, जो विषयवस्तु और शैली दोनों में बेजोड़ है।"
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी गाडगिल के निधन पर शोक व्यक्त किया। प्रियंका गांधी ने कहा, ‘‘प्रकृति और सामाजिक न्याय के लिए एक सशक्त आवाज रहे डॉ. माधव गाडगिल के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। उनका कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। उनके परिवार और प्रियजनों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।’’
पश्चिमी घाटों के संरक्षण की दिशा में किए गए कार्यों के लिए प्रसिद्ध, परिस्थितिकीविद् माधव गाडगिल का पुणे में निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे।
गाडगिल के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि गाडगिल पिछले कुछ वक्त से बीमार थे और बुधवार देर रात पुणे के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।